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Emotions & Moods
Man Ke Ladduon Se Bhookh Nahi Mit-ti
केवल मन में कोरी कल्पनाएं और मीठे सपने देखने से वास्तविक सफलता या पेट नहीं भरता; कर्म करना पड़ता है।
Hunger cannot be satisfied with imaginary sweets; daydreaming and wishful thinking cannot replace hard work.
Equivalent: Wishes never filled a sack / Daydreams don't put bread on the table
- दिन भर बिस्तर पर पड़े-पड़े अमीर बनने के सपने मत देखो; मन के लड्डूओं से भूख नहीं मिटती, मेहनत करो।
- केवल बड़ी-बड़ी योजनाएं बनाने से कंपनी नहीं चलेगी, धरातल पर काम करो; मन के लड्डूओं से पेट नहीं भरता।
- पढ़ाई किए बिना मेरिट में आने की उम्मीद करना वही है कि मन के लड्डूओं से भूख मिटाना।
Source (स्रोत): शेखचिल्ली व काल्पनिक सुख व्यंग्य (Shekhchilli Daydreaming Folklore)
शेखचिल्ली की कहानियों में जब भूखा व्यक्ति बिना भोजन के केवल ख्याली पुलाव या मन में लड्डू बनाकर खुश होने लगता है, तो बुजुर्ग कहते हैं कि कल्पना का स्वाद चाहे जितना मीठा हो, उससे पेट की भूख शांत नहीं होती।
मन के लड्डूओं से भूख नहीं मिटती
Man Ke Ladduon Se Bhookh Nahi Mit-ti
Meaning & Connotation
केवल मन में कोरी कल्पनाएं और मीठे सपने देखने से वास्तविक सफलता या पेट नहीं भरता; कर्म करना पड़ता है।
English Meaning & Significance
"Hunger cannot be satisfied with imaginary sweets; daydreaming and wishful thinking cannot replace hard work."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
दिन भर बिस्तर पर पड़े-पड़े अमीर बनने के सपने मत देखो; मन के लड्डूओं से भूख नहीं मिटती, मेहनत करो।
केवल बड़ी-बड़ी योजनाएं बनाने से कंपनी नहीं चलेगी, धरातल पर काम करो; मन के लड्डूओं से पेट नहीं भरता।
पढ़ाई किए बिना मेरिट में आने की उम्मीद करना वही है कि मन के लड्डूओं से भूख मिटाना।
Origin & Context
शेखचिल्ली व काल्पनिक सुख व्यंग्य (Shekhchilli Daydreaming Folklore)
शेखचिल्ली की कहानियों में जब भूखा व्यक्ति बिना भोजन के केवल ख्याली पुलाव या मन में लड्डू बनाकर खुश होने लगता है, तो बुजुर्ग कहते हैं कि कल्पना का स्वाद चाहे जितना मीठा हो, उससे पेट की भूख शांत नहीं होती।
भारतीय लोक कथाओं में अकर्मण्यता और दिवास्वप्न देखने वालों को यथार्थ के धरातल पर लाने के लिए यह लोकोक्ति अचूक मानी जाती है।
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Frequently Asked Questions (FAQ)
मन के लड्डूओं से भूख नहीं मिटती लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
मन के लड्डूओं से भूख नहीं मिटती का हिंदी अर्थ "केवल मन में कोरी कल्पनाएं और मीठे सपने देखने से वास्तविक सफलता या पेट नहीं भरता; कर्म करना पड़ता है।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "Hunger cannot be satisfied with imaginary sweets; daydreaming and wishful thinking cannot replace hard work." है।
What is the English meaning of "Man Ke Ladduon Se Bhookh Nahi Mit-ti"?
The English meaning of "Man Ke Ladduon Se Bhookh Nahi Mit-ti" (मन के लड्डूओं से भूख नहीं मिटती) is "Hunger cannot be satisfied with imaginary sweets; daydreaming and wishful thinking cannot replace hard work.". An equivalent English saying is "Wishes never filled a sack / Daydreams don't put bread on the table".
मन के लड्डूओं से भूख नहीं मिटती का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "दिन भर बिस्तर पर पड़े-पड़े अमीर बनने के सपने मत देखो; मन के लड्डूओं से भूख नहीं मिटती, मेहनत करो।"
मन के लड्डूओं से भूख नहीं मिटती की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: शेखचिल्ली व काल्पनिक सुख व्यंग्य (Shekhchilli Daydreaming Folklore)। संदर्भ: शेखचिल्ली की कहानियों में जब भूखा व्यक्ति बिना भोजन के केवल ख्याली पुलाव या मन में लड्डू बनाकर खुश होने लगता है, तो बुजुर्ग कहते हैं कि कल्पना का स्वाद चाहे जितना मीठा हो, उससे पेट की भूख शांत नहीं होती। विशेष तथ्य: भारतीय लोक कथाओं में अकर्मण्यता और दिवास्वप्न देखने वालों को यथार्थ के धरातल पर लाने के लिए यह लोकोक्ति अचूक मानी जाती है।