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Daily Life & Society
Ab Pachhtaye Hot Kya Jab Chidiya Chug Gayi Khet
समय या अवसर बीत जाने के बाद व्यर्थ में पछतावा करने से कोई लाभ नहीं होता।
It is useless to regret after the opportunity has been lost or the damage is already done; no use crying over spilt milk.
Equivalent: No use crying over spilt milk / Locking the stable door after the horse has bolted
- पूरे वर्ष पढ़ाई में ध्यान नहीं दिया और अब अनुत्तीर्ण होने पर रो रहे हो; सच ही कहा है—अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।
- समय रहते गाड़ी का बीमा रिन्यू नहीं कराया और दुर्घटना के बाद पछता रहे हैं, पर अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।
- जब स्वास्थ्य का ध्यान रखने की उम्र थी तब लापरवाही बरती, अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।
Source (स्रोत): भारतीय कृषक जीवन व फसल चक्र (Traditional Farming Folk Wisdom)
गाँव में जब फसल पककर तैयार होती है, तो किसान को पक्षियों से खेत की रखवाली करनी होती है। यदि किसान आलस्य में सोता रहे और चिड़ियाँ सारा अनाज खा जाएँ, तो बाद में खेत में खड़े होकर रोने से अनाज वापस नहीं आता। इसी व्यावहारिक सत्य से यह लोकोक्ति जन-जन में प्रचलित हुई।
अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत
Ab Pachhtaye Hot Kya Jab Chidiya Chug Gayi Khet
Meaning & Connotation
समय या अवसर बीत जाने के बाद व्यर्थ में पछतावा करने से कोई लाभ नहीं होता।
English Meaning & Significance
"It is useless to regret after the opportunity has been lost or the damage is already done; no use crying over spilt milk."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
पूरे वर्ष पढ़ाई में ध्यान नहीं दिया और अब अनुत्तीर्ण होने पर रो रहे हो; सच ही कहा है—अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।
समय रहते गाड़ी का बीमा रिन्यू नहीं कराया और दुर्घटना के बाद पछता रहे हैं, पर अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।
जब स्वास्थ्य का ध्यान रखने की उम्र थी तब लापरवाही बरती, अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।
Origin & Context
भारतीय कृषक जीवन व फसल चक्र (Traditional Farming Folk Wisdom)
गाँव में जब फसल पककर तैयार होती है, तो किसान को पक्षियों से खेत की रखवाली करनी होती है। यदि किसान आलस्य में सोता रहे और चिड़ियाँ सारा अनाज खा जाएँ, तो बाद में खेत में खड़े होकर रोने से अनाज वापस नहीं आता। इसी व्यावहारिक सत्य से यह लोकोक्ति जन-जन में प्रचलित हुई।
भक्तिकाल के संतों, विशेषकर कबीरदास जी की साखियों में समय की पाबंदी और जागरूकता सिखाने हेतु इस रूपक का बारंबार प्रयोग मिलता है।
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Frequently Asked Questions (FAQ)
अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत का हिंदी अर्थ "समय या अवसर बीत जाने के बाद व्यर्थ में पछतावा करने से कोई लाभ नहीं होता।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "It is useless to regret after the opportunity has been lost or the damage is already done; no use crying over spilt milk." है।
What is the English meaning of "Ab Pachhtaye Hot Kya Jab Chidiya Chug Gayi Khet"?
The English meaning of "Ab Pachhtaye Hot Kya Jab Chidiya Chug Gayi Khet" (अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत) is "It is useless to regret after the opportunity has been lost or the damage is already done; no use crying over spilt milk.". An equivalent English saying is "No use crying over spilt milk / Locking the stable door after the horse has bolted".
अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "पूरे वर्ष पढ़ाई में ध्यान नहीं दिया और अब अनुत्तीर्ण होने पर रो रहे हो; सच ही कहा है—अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।"
अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: भारतीय कृषक जीवन व फसल चक्र (Traditional Farming Folk Wisdom)। संदर्भ: गाँव में जब फसल पककर तैयार होती है, तो किसान को पक्षियों से खेत की रखवाली करनी होती है। यदि किसान आलस्य में सोता रहे और चिड़ियाँ सारा अनाज खा जाएँ, तो बाद में खेत में खड़े होकर रोने से अनाज वापस नहीं आता। इसी व्यावहारिक सत्य से यह लोकोक्ति जन-जन में प्रचलित हुई। विशेष तथ्य: भक्तिकाल के संतों, विशेषकर कबीरदास जी की साखियों में समय की पाबंदी और जागरूकता सिखाने हेतु इस रूपक का बारंबार प्रयोग मिलता है।