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Wisdom & Morals
Dharmo Rakshati Rakshitah
जो मनुष्य सत्य, कर्तव्य, सदाचार और धर्म की रक्षा करता है, वही धर्म संकट और आपदा के समय स्वयं ढाल बनकर उसकी रक्षा करता है।
Dharma (righteousness) protects those who protect it; upholding moral law and duty ensures divine protection in times of crisis.
Equivalent: Righteousness is its own armor / Virtue guards the virtuous
- कठिन से कठिन प्रलोभन में भी उसने अपने कर्तव्य और सत्य का त्याग नहीं किया, और अंततः धर्म ने उसकी जान बचाई; सच है धर्मो रक्षति रक्षितः।
- न्यायाधीश ने निर्भीक होकर कानून और न्याय की रक्षा की, आज पूरा राष्ट्र उनके सम्मान में खड़ा है—धर्मो रक्षति रक्षितः।
- जब संकट के बादल छाए हों, तो घबराना नहीं चाहिए; अपने नैतिक मार्ग पर डटे रहो, धर्म सदा रक्षक बनता है।
Source (स्रोत): महाभारत व मनुस्मृति श्लोक (Mahabharata & Manusmriti)
मनुस्मृति (8.15) और महाभारत के वनपर्व का अमर सूत्र है: 'धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः। तस्माद्धर्मो न हन्तव्यो मा नो धर्मो हतोऽवधीत्॥' धर्म की हत्या करने पर मनुष्य स्वयं नष्ट हो जाता है, और धर्म की रक्षा करने पर धर्म उसकी रक्षा करता है।
धर्मो रक्षति रक्षितः
Dharmo Rakshati Rakshitah
Meaning & Connotation
जो मनुष्य सत्य, कर्तव्य, सदाचार और धर्म की रक्षा करता है, वही धर्म संकट और आपदा के समय स्वयं ढाल बनकर उसकी रक्षा करता है।
English Meaning & Significance
"Dharma (righteousness) protects those who protect it; upholding moral law and duty ensures divine protection in times of crisis."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
कठिन से कठिन प्रलोभन में भी उसने अपने कर्तव्य और सत्य का त्याग नहीं किया, और अंततः धर्म ने उसकी जान बचाई; सच है धर्मो रक्षति रक्षितः।
न्यायाधीश ने निर्भीक होकर कानून और न्याय की रक्षा की, आज पूरा राष्ट्र उनके सम्मान में खड़ा है—धर्मो रक्षति रक्षितः।
जब संकट के बादल छाए हों, तो घबराना नहीं चाहिए; अपने नैतिक मार्ग पर डटे रहो, धर्म सदा रक्षक बनता है।
Origin & Context
महाभारत व मनुस्मृति श्लोक (Mahabharata & Manusmriti)
मनुस्मृति (8.15) और महाभारत के वनपर्व का अमर सूत्र है: 'धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः। तस्माद्धर्मो न हन्तव्यो मा नो धर्मो हतोऽवधीत्॥' धर्म की हत्या करने पर मनुष्य स्वयं नष्ट हो जाता है, और धर्म की रक्षा करने पर धर्म उसकी रक्षा करता है।
यह वाक्य भारत के सर्वोच्च न्यायालय और कई राष्ट्रीय रक्षा संस्थानों के ध्येय वाक्यों की मूल प्रेरणा है।
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Frequently Asked Questions (FAQ)
धर्मो रक्षति रक्षितः लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
धर्मो रक्षति रक्षितः का हिंदी अर्थ "जो मनुष्य सत्य, कर्तव्य, सदाचार और धर्म की रक्षा करता है, वही धर्म संकट और आपदा के समय स्वयं ढाल बनकर उसकी रक्षा करता है।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "Dharma (righteousness) protects those who protect it; upholding moral law and duty ensures divine protection in times of crisis." है।
What is the English meaning of "Dharmo Rakshati Rakshitah"?
The English meaning of "Dharmo Rakshati Rakshitah" (धर्मो रक्षति रक्षितः) is "Dharma (righteousness) protects those who protect it; upholding moral law and duty ensures divine protection in times of crisis.". An equivalent English saying is "Righteousness is its own armor / Virtue guards the virtuous".
धर्मो रक्षति रक्षितः का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "कठिन से कठिन प्रलोभन में भी उसने अपने कर्तव्य और सत्य का त्याग नहीं किया, और अंततः धर्म ने उसकी जान बचाई; सच है धर्मो रक्षति रक्षितः।"
धर्मो रक्षति रक्षितः की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: महाभारत व मनुस्मृति श्लोक (Mahabharata & Manusmriti)। संदर्भ: मनुस्मृति (8.15) और महाभारत के वनपर्व का अमर सूत्र है: 'धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः। तस्माद्धर्मो न हन्तव्यो मा नो धर्मो हतोऽवधीत्॥' धर्म की हत्या करने पर मनुष्य स्वयं नष्ट हो जाता है, और धर्म की रक्षा करने पर धर्म उसकी रक्षा करता है। विशेष तथ्य: यह वाक्य भारत के सर्वोच्च न्यायालय और कई राष्ट्रीय रक्षा संस्थानों के ध्येय वाक्यों की मूल प्रेरणा है।