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Daily Life & Society
Dhobi Ka Kutta Na Ghar Ka Na Ghaat Ka
जो व्यक्ति दो पक्षों या दो अलग-अलग नावों की सवारी करता है, वह अंत में कहीं का नहीं रहता और उसका कोई आदर नहीं होता।
A person who tries to belong to two places or loyalties ends up belonging nowhere; a rolling stone gathers no moss.
Equivalent: Between two stools one falls to the ground / Rolling stone gathers no moss
- नौकरी बदलने के चक्कर में उसने पुरानी कंपनी से इस्तीफा दे दिया और नई कंपनी का ऑफर भी रद्द हो गया; अब उसकी हालत धोबी के कुत्ते जैसी हो गई है—न घर का न घाट का।
- चुनाव के समय दोनों दलों से साठगांठ करने वाले नेता को किसी ने टिकट नहीं दिया, अब वह धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का बन गया।
- दोस्ती में दोनों तरफ चुगलखोरी करने वाला व्यक्ति अंततः धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का होकर रह जाता है।
Source (स्रोत): पारंपरिक भारतीय वस्त्र धुलाई व जनजीवन (Traditional Washerman Folk Culture)
धोबी सवेरे कपड़े धोने नदी के घाट पर जाता और शाम को घर लौटता। उसके साथ चलने वाला कुत्ता दिन भर घाट पर लावारिस घूमता और रात को घर पर। न तो घाट पर उसे सुरक्षा का मान मिलता और न घर पर। इसी से अस्थिरचित्त व्यक्ति पर यह लोकोक्ति कही गई।
धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का
Dhobi Ka Kutta Na Ghar Ka Na Ghaat Ka
Meaning & Connotation
जो व्यक्ति दो पक्षों या दो अलग-अलग नावों की सवारी करता है, वह अंत में कहीं का नहीं रहता और उसका कोई आदर नहीं होता।
English Meaning & Significance
"A person who tries to belong to two places or loyalties ends up belonging nowhere; a rolling stone gathers no moss."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
नौकरी बदलने के चक्कर में उसने पुरानी कंपनी से इस्तीफा दे दिया और नई कंपनी का ऑफर भी रद्द हो गया; अब उसकी हालत धोबी के कुत्ते जैसी हो गई है—न घर का न घाट का।
चुनाव के समय दोनों दलों से साठगांठ करने वाले नेता को किसी ने टिकट नहीं दिया, अब वह धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का बन गया।
दोस्ती में दोनों तरफ चुगलखोरी करने वाला व्यक्ति अंततः धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का होकर रह जाता है।
Origin & Context
पारंपरिक भारतीय वस्त्र धुलाई व जनजीवन (Traditional Washerman Folk Culture)
धोबी सवेरे कपड़े धोने नदी के घाट पर जाता और शाम को घर लौटता। उसके साथ चलने वाला कुत्ता दिन भर घाट पर लावारिस घूमता और रात को घर पर। न तो घाट पर उसे सुरक्षा का मान मिलता और न घर पर। इसी से अस्थिरचित्त व्यक्ति पर यह लोकोक्ति कही गई।
कुछ भाषाविदों के अनुसार यह मूल रूप से "धोबी का कूटा" (कपड़े कूटने वाला लकड़ी का मुगदर) था, जो कालान्तर में जनभाषा में "कुत्ता" के रूप में रूपांतरित हो गया।
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Frequently Asked Questions (FAQ)
धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का का हिंदी अर्थ "जो व्यक्ति दो पक्षों या दो अलग-अलग नावों की सवारी करता है, वह अंत में कहीं का नहीं रहता और उसका कोई आदर नहीं होता।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "A person who tries to belong to two places or loyalties ends up belonging nowhere; a rolling stone gathers no moss." है।
What is the English meaning of "Dhobi Ka Kutta Na Ghar Ka Na Ghaat Ka"?
The English meaning of "Dhobi Ka Kutta Na Ghar Ka Na Ghaat Ka" (धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का) is "A person who tries to belong to two places or loyalties ends up belonging nowhere; a rolling stone gathers no moss.". An equivalent English saying is "Between two stools one falls to the ground / Rolling stone gathers no moss".
धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "नौकरी बदलने के चक्कर में उसने पुरानी कंपनी से इस्तीफा दे दिया और नई कंपनी का ऑफर भी रद्द हो गया; अब उसकी हालत धोबी के कुत्ते जैसी हो गई है—न घर का न घाट का।"
धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: पारंपरिक भारतीय वस्त्र धुलाई व जनजीवन (Traditional Washerman Folk Culture)। संदर्भ: धोबी सवेरे कपड़े धोने नदी के घाट पर जाता और शाम को घर लौटता। उसके साथ चलने वाला कुत्ता दिन भर घाट पर लावारिस घूमता और रात को घर पर। न तो घाट पर उसे सुरक्षा का मान मिलता और न घर पर। इसी से अस्थिरचित्त व्यक्ति पर यह लोकोक्ति कही गई। विशेष तथ्य: कुछ भाषाविदों के अनुसार यह मूल रूप से "धोबी का कूटा" (कपड़े कूटने वाला लकड़ी का मुगदर) था, जो कालान्तर में जनभाषा में "कुत्ता" के रूप में रूपांतरित हो गया।