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Animals & Birds
Ghoda Ghaas Se Yaari Kare Toh Khaaye Kya
अपनी आजीविका, पेशे या व्यापार में जरूरत से ज्यादा शराफत या मुफ्तखोरी की मुरौवत नहीं चल सकती।
If the horse makes friendship with the grass, what will it eat?; business cannot survive on undue sentiment or giving away livelihood.
Equivalent: Business is business / Friendship is friendship, but business has its price
- दुकानदार ने अपने मित्र से भी पूरा मूल्य लेते हुए कहा—'घोड़ा अगर घास से यारी करेगा, तो खाएगा क्या?'
- डॉक्टर ने परामर्श शुल्क लेते हुए समझाया कि सेवा अपनी जगह है, पर घोड़ा घास से यारी करे तो जिए कैसे?
- व्यापार में हर किसी को मुफ्त सेवा नहीं दी जा सकती, घोड़ा घास से यारी नहीं कर सकता।
Source (स्रोत): अश्वपालन व व्यावहारिक अर्थशास्त्र (Equine Husbandry & Trade Pragmatism)
घोड़े का मुख्य आहार घास है। यदि घोड़ा घास पर दया करके या उससे मित्रता करके उसे खाना छोड़ दे, तो वह भूखा मर जाएगा। अतः अपना भरण-पोषण करने के लिए व्यावसायिक कठोरता आवश्यक है।
घोड़ा घास से यारी करे तो खाए क्या
Ghoda Ghaas Se Yaari Kare Toh Khaaye Kya
Meaning & Connotation
अपनी आजीविका, पेशे या व्यापार में जरूरत से ज्यादा शराफत या मुफ्तखोरी की मुरौवत नहीं चल सकती।
English Meaning & Significance
"If the horse makes friendship with the grass, what will it eat?; business cannot survive on undue sentiment or giving away livelihood."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
दुकानदार ने अपने मित्र से भी पूरा मूल्य लेते हुए कहा—'घोड़ा अगर घास से यारी करेगा, तो खाएगा क्या?'
डॉक्टर ने परामर्श शुल्क लेते हुए समझाया कि सेवा अपनी जगह है, पर घोड़ा घास से यारी करे तो जिए कैसे?
व्यापार में हर किसी को मुफ्त सेवा नहीं दी जा सकती, घोड़ा घास से यारी नहीं कर सकता।
Origin & Context
अश्वपालन व व्यावहारिक अर्थशास्त्र (Equine Husbandry & Trade Pragmatism)
घोड़े का मुख्य आहार घास है। यदि घोड़ा घास पर दया करके या उससे मित्रता करके उसे खाना छोड़ दे, तो वह भूखा मर जाएगा। अतः अपना भरण-पोषण करने के लिए व्यावसायिक कठोरता आवश्यक है।
भारतीय बाजारों में दुकानदारों और फ्रीलांस पेशेवरों द्वारा फीस और मूल्य के औचित्य को सिद्ध करने के लिए यह सबसे लोकप्रिय कहावत है।
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Frequently Asked Questions (FAQ)
घोड़ा घास से यारी करे तो खाए क्या लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
घोड़ा घास से यारी करे तो खाए क्या का हिंदी अर्थ "अपनी आजीविका, पेशे या व्यापार में जरूरत से ज्यादा शराफत या मुफ्तखोरी की मुरौवत नहीं चल सकती।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "If the horse makes friendship with the grass, what will it eat?; business cannot survive on undue sentiment or giving away livelihood." है।
What is the English meaning of "Ghoda Ghaas Se Yaari Kare Toh Khaaye Kya"?
The English meaning of "Ghoda Ghaas Se Yaari Kare Toh Khaaye Kya" (घोड़ा घास से यारी करे तो खाए क्या) is "If the horse makes friendship with the grass, what will it eat?; business cannot survive on undue sentiment or giving away livelihood.". An equivalent English saying is "Business is business / Friendship is friendship, but business has its price".
घोड़ा घास से यारी करे तो खाए क्या का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "दुकानदार ने अपने मित्र से भी पूरा मूल्य लेते हुए कहा—'घोड़ा अगर घास से यारी करेगा, तो खाएगा क्या?'"
घोड़ा घास से यारी करे तो खाए क्या की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: अश्वपालन व व्यावहारिक अर्थशास्त्र (Equine Husbandry & Trade Pragmatism)। संदर्भ: घोड़े का मुख्य आहार घास है। यदि घोड़ा घास पर दया करके या उससे मित्रता करके उसे खाना छोड़ दे, तो वह भूखा मर जाएगा। अतः अपना भरण-पोषण करने के लिए व्यावसायिक कठोरता आवश्यक है। विशेष तथ्य: भारतीय बाजारों में दुकानदारों और फ्रीलांस पेशेवरों द्वारा फीस और मूल्य के औचित्य को सिद्ध करने के लिए यह सबसे लोकप्रिय कहावत है।