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Food & Flavors
Haldi Ki Gaanth Paana
जरा सी तुच्छ वस्तु या अल्प उपलब्धि पाकर ही स्वयं को बहुत बड़ा विद्वान, धनी या प्रतिष्ठित मान बैठना; थोड़ी सी सफलता पर फूल जाना।
Finding a single knot of turmeric and claiming to be a grocer; becoming excessively arrogant over a petty or minor achievement.
Equivalent: A little success went to his head / Making too much of a petty windfall
- एक कविता क्या छप गई, वह खुद को प्रेमचंद समझने लगा; हल्दी की गाँठ पाकर पंसारी बन बैठा है।
- शेयर बाजार में दो हजार रुपये क्या कमाए, वह सबको निवेश का ज्ञान बाँटने लगा—हल्दी की गाँठ पाकर पंसारी बनना इसी को कहते हैं।
- थोड़ी सी सफलता मिलने पर घमंड मत करो, अभी तो पूरी यात्रा बाकी है।
Source (स्रोत): गाँव की पंसारी (किराना) दुकान परंपरा (Pansari Grocery Lore)
'पंसारी' वह व्यापारी होता था जिसके पास सैकड़ों प्रकार की जड़ी-बूटियाँ, मसाले और औषधियाँ होती थीं। यदि किसी कंगाल को रास्ते में हल्दी की एक सूखी गाँठ मिल जाए और वह स्वयं को पंसारी घोषित कर दुकान सजाने का ढोंग करे, तो यह ओछेपन का प्रतीक बन गया।
हल्दी की गाँठ पाना (हल्दी की गाँठ पाकर पंसारी बनना)
Haldi Ki Gaanth Paana
Meaning & Connotation
जरा सी तुच्छ वस्तु या अल्प उपलब्धि पाकर ही स्वयं को बहुत बड़ा विद्वान, धनी या प्रतिष्ठित मान बैठना; थोड़ी सी सफलता पर फूल जाना।
English Meaning & Significance
"Finding a single knot of turmeric and claiming to be a grocer; becoming excessively arrogant over a petty or minor achievement."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
एक कविता क्या छप गई, वह खुद को प्रेमचंद समझने लगा; हल्दी की गाँठ पाकर पंसारी बन बैठा है।
शेयर बाजार में दो हजार रुपये क्या कमाए, वह सबको निवेश का ज्ञान बाँटने लगा—हल्दी की गाँठ पाकर पंसारी बनना इसी को कहते हैं।
थोड़ी सी सफलता मिलने पर घमंड मत करो, अभी तो पूरी यात्रा बाकी है।
Origin & Context
गाँव की पंसारी (किराना) दुकान परंपरा (Pansari Grocery Lore)
'पंसारी' वह व्यापारी होता था जिसके पास सैकड़ों प्रकार की जड़ी-बूटियाँ, मसाले और औषधियाँ होती थीं। यदि किसी कंगाल को रास्ते में हल्दी की एक सूखी गाँठ मिल जाए और वह स्वयं को पंसारी घोषित कर दुकान सजाने का ढोंग करे, तो यह ओछेपन का प्रतीक बन गया।
अवधी और मगही में यह कहावत 'हल्दी के गाँठ मिलल, पंसारी बन बैठल' के रूप में लोकगीतों में गाई जाती है।
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Frequently Asked Questions (FAQ)
हल्दी की गाँठ पाना (हल्दी की गाँठ पाकर पंसारी बनना) लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
हल्दी की गाँठ पाना (हल्दी की गाँठ पाकर पंसारी बनना) का हिंदी अर्थ "जरा सी तुच्छ वस्तु या अल्प उपलब्धि पाकर ही स्वयं को बहुत बड़ा विद्वान, धनी या प्रतिष्ठित मान बैठना; थोड़ी सी सफलता पर फूल जाना।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "Finding a single knot of turmeric and claiming to be a grocer; becoming excessively arrogant over a petty or minor achievement." है।
What is the English meaning of "Haldi Ki Gaanth Paana"?
The English meaning of "Haldi Ki Gaanth Paana" (हल्दी की गाँठ पाना (हल्दी की गाँठ पाकर पंसारी बनना)) is "Finding a single knot of turmeric and claiming to be a grocer; becoming excessively arrogant over a petty or minor achievement.". An equivalent English saying is "A little success went to his head / Making too much of a petty windfall".
हल्दी की गाँठ पाना (हल्दी की गाँठ पाकर पंसारी बनना) का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "एक कविता क्या छप गई, वह खुद को प्रेमचंद समझने लगा; हल्दी की गाँठ पाकर पंसारी बन बैठा है।"
हल्दी की गाँठ पाना (हल्दी की गाँठ पाकर पंसारी बनना) की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: गाँव की पंसारी (किराना) दुकान परंपरा (Pansari Grocery Lore)। संदर्भ: 'पंसारी' वह व्यापारी होता था जिसके पास सैकड़ों प्रकार की जड़ी-बूटियाँ, मसाले और औषधियाँ होती थीं। यदि किसी कंगाल को रास्ते में हल्दी की एक सूखी गाँठ मिल जाए और वह स्वयं को पंसारी घोषित कर दुकान सजाने का ढोंग करे, तो यह ओछेपन का प्रतीक बन गया। विशेष तथ्य: अवधी और मगही में यह कहावत 'हल्दी के गाँठ मिलल, पंसारी बन बैठल' के रूप में लोकगीतों में गाई जाती है।