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Emotions & Moods
Jaake paanv na fati biwaai so kya jaane peer paraai
जिस व्यक्ति ने स्वयं कभी दुःख, दर्द या विपत्ति न झेली हो, वह दूसरों की आंतरिक पीड़ा और लाचारी को नहीं समझ सकता।
He who has never suffered hardships cannot empathize with the pain of others.
Equivalent: He jests at scars that never felt a wound / Only the wearer knows where the shoe pinches
- महल में पले-बढ़े नेता जी को किसानों की कड़ाके की ठंड का क्या अहसास—जाके पाँव न फटी बिवाई सो क्या जाने पीर पराई।
- जब खुद पर मुसीबत पड़ी तब उसे गरीबों की बेबसी समझ आई; सच ही कहा गया है, जाके पाँव न फटी बिवाई सो क्या जाने पीर पराई।
Source (स्रोत): पारंपरिक ग्रामीण कष्ट एवं लोक-काव्य परंपरा
पैरों में बिवाई (त्वचा का कड़ा होकर फटना) होने पर जो असह्य दर्द होता है, उसे वही जानता है जिसने उसे भोगा हो।
जाके पाँव न फटी बिवाई सो क्या जाने पीर पराई
Jaake paanv na fati biwaai so kya jaane peer paraai
Meaning & Connotation
जिस व्यक्ति ने स्वयं कभी दुःख, दर्द या विपत्ति न झेली हो, वह दूसरों की आंतरिक पीड़ा और लाचारी को नहीं समझ सकता।
English Meaning & Significance
"He who has never suffered hardships cannot empathize with the pain of others."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
महल में पले-बढ़े नेता जी को किसानों की कड़ाके की ठंड का क्या अहसास—जाके पाँव न फटी बिवाई सो क्या जाने पीर पराई।
जब खुद पर मुसीबत पड़ी तब उसे गरीबों की बेबसी समझ आई; सच ही कहा गया है, जाके पाँव न फटी बिवाई सो क्या जाने पीर पराई।
Origin & Context
पारंपरिक ग्रामीण कष्ट एवं लोक-काव्य परंपरा
पैरों में बिवाई (त्वचा का कड़ा होकर फटना) होने पर जो असह्य दर्द होता है, उसे वही जानता है जिसने उसे भोगा हो।
सहानुभूति और संवेदनशीलता की गहरी मानवीय समझ देने वाली अमर लोक-पंक्ति।
Usage & Stylistic Suggestion
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Frequently Asked Questions (FAQ)
जाके पाँव न फटी बिवाई सो क्या जाने पीर पराई लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
जाके पाँव न फटी बिवाई सो क्या जाने पीर पराई का हिंदी अर्थ "जिस व्यक्ति ने स्वयं कभी दुःख, दर्द या विपत्ति न झेली हो, वह दूसरों की आंतरिक पीड़ा और लाचारी को नहीं समझ सकता।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "He who has never suffered hardships cannot empathize with the pain of others." है।
What is the English meaning of "Jaake paanv na fati biwaai so kya jaane peer paraai"?
The English meaning of "Jaake paanv na fati biwaai so kya jaane peer paraai" (जाके पाँव न फटी बिवाई सो क्या जाने पीर पराई) is "He who has never suffered hardships cannot empathize with the pain of others.". An equivalent English saying is "He jests at scars that never felt a wound / Only the wearer knows where the shoe pinches".
जाके पाँव न फटी बिवाई सो क्या जाने पीर पराई का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "महल में पले-बढ़े नेता जी को किसानों की कड़ाके की ठंड का क्या अहसास—जाके पाँव न फटी बिवाई सो क्या जाने पीर पराई।"
जाके पाँव न फटी बिवाई सो क्या जाने पीर पराई की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: पारंपरिक ग्रामीण कष्ट एवं लोक-काव्य परंपरा। संदर्भ: पैरों में बिवाई (त्वचा का कड़ा होकर फटना) होने पर जो असह्य दर्द होता है, उसे वही जानता है जिसने उसे भोगा हो। विशेष तथ्य: सहानुभूति और संवेदनशीलता की गहरी मानवीय समझ देने वाली अमर लोक-पंक्ति।