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Wisdom & Morals
Jaako Raakhe Saaiyan Maar Sake Na Koy
जिस व्यक्ति का रक्षक स्वयं सर्वशक्तिमान ईश्वर हो, उसका संसार का बड़े से बड़ा बलवान शत्रु भी बाल बाँका (तनिक भी अहित) नहीं कर सकता।
Whom God protects, none can harm; divine protection is invulnerable against all mortal perils and enemies.
Equivalent: God tempers the wind to the shorn lamb / What God will, no frost can kill
- विमान दुर्घटना में सभी यात्री हताहत हुए किंतु छह महीने का शिशु सकुशल बच गया; इसे देखकर सबने कहा—जाको राखे साइयाँ मार सके ना कोय।
- शत्रुओं ने उसे समाप्त करने के षड्यंत्र रचे, पर हर बार वह संकट से सुरक्षित निकल आया क्योंकि जाको राखे साइयाँ मार सके ना कोय।
- भक्त प्रह्लाद को होलिका की अग्नि भी नहीं जला सकी, क्योंकि जिसका रक्षक विधाता है उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
Source (स्रोत): संत कबीर दास जी की अमृत साखी (Kabir Sakhi Lore)
संत कबीर का अमर दोहा है: 'जाको राखे साइयाँ, मारि सके ना कोय। बाल न बाँका करि सके, जो जग बैरी होय।' ईश्वर में अटूट आस्था और शरणागति की पराकाष्ठा का यह प्रतीक है।
जाको राखे साइयाँ, मार सके ना कोय
Jaako Raakhe Saaiyan Maar Sake Na Koy
Meaning & Connotation
जिस व्यक्ति का रक्षक स्वयं सर्वशक्तिमान ईश्वर हो, उसका संसार का बड़े से बड़ा बलवान शत्रु भी बाल बाँका (तनिक भी अहित) नहीं कर सकता।
English Meaning & Significance
"Whom God protects, none can harm; divine protection is invulnerable against all mortal perils and enemies."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
विमान दुर्घटना में सभी यात्री हताहत हुए किंतु छह महीने का शिशु सकुशल बच गया; इसे देखकर सबने कहा—जाको राखे साइयाँ मार सके ना कोय।
शत्रुओं ने उसे समाप्त करने के षड्यंत्र रचे, पर हर बार वह संकट से सुरक्षित निकल आया क्योंकि जाको राखे साइयाँ मार सके ना कोय।
भक्त प्रह्लाद को होलिका की अग्नि भी नहीं जला सकी, क्योंकि जिसका रक्षक विधाता है उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
Origin & Context
संत कबीर दास जी की अमृत साखी (Kabir Sakhi Lore)
संत कबीर का अमर दोहा है: 'जाको राखे साइयाँ, मारि सके ना कोय। बाल न बाँका करि सके, जो जग बैरी होय।' ईश्वर में अटूट आस्था और शरणागति की पराकाष्ठा का यह प्रतीक है।
भारतीय लोकजीवन में किसी अप्रत्याशित व चमत्कारिक जीवन-रक्षा के अवसर पर यह लोकोक्ति स्वतः मुख से निकल पड़ती है।
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Frequently Asked Questions (FAQ)
जाको राखे साइयाँ, मार सके ना कोय लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
जाको राखे साइयाँ, मार सके ना कोय का हिंदी अर्थ "जिस व्यक्ति का रक्षक स्वयं सर्वशक्तिमान ईश्वर हो, उसका संसार का बड़े से बड़ा बलवान शत्रु भी बाल बाँका (तनिक भी अहित) नहीं कर सकता।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "Whom God protects, none can harm; divine protection is invulnerable against all mortal perils and enemies." है।
What is the English meaning of "Jaako Raakhe Saaiyan Maar Sake Na Koy"?
The English meaning of "Jaako Raakhe Saaiyan Maar Sake Na Koy" (जाको राखे साइयाँ, मार सके ना कोय) is "Whom God protects, none can harm; divine protection is invulnerable against all mortal perils and enemies.". An equivalent English saying is "God tempers the wind to the shorn lamb / What God will, no frost can kill".
जाको राखे साइयाँ, मार सके ना कोय का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "विमान दुर्घटना में सभी यात्री हताहत हुए किंतु छह महीने का शिशु सकुशल बच गया; इसे देखकर सबने कहा—जाको राखे साइयाँ मार सके ना कोय।"
जाको राखे साइयाँ, मार सके ना कोय की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: संत कबीर दास जी की अमृत साखी (Kabir Sakhi Lore)। संदर्भ: संत कबीर का अमर दोहा है: 'जाको राखे साइयाँ, मारि सके ना कोय। बाल न बाँका करि सके, जो जग बैरी होय।' ईश्वर में अटूट आस्था और शरणागति की पराकाष्ठा का यह प्रतीक है। विशेष तथ्य: भारतीय लोकजीवन में किसी अप्रत्याशित व चमत्कारिक जीवन-रक्षा के अवसर पर यह लोकोक्ति स्वतः मुख से निकल पड़ती है।