muhavarelokoktiyan.com • Authentic Hindi Reference Collection
Wisdom & Morals
Maya Ko Maya Mile Kar-Kar Lambe Haath
संसार का यह सांसारिक और कटु नियम है कि धनवान के पास ही धन खिंचता चला जाता है और लोग भी धनी की ही सहायता व चापलूसी करने के लिए दौड़ते हैं, जबकि निर्धन की कोई सुध नहीं लेता।
Wealth attracts more wealth with outstretched arms; society rushes to bestow favors and riches upon those who are already wealthy, ignoring the needy.
Equivalent: Money begets money / He that hath, to him shall be given
- बैंक अमीर उद्योगपति को बिना माँगे करोड़ों का कर्ज दे देता है और गरीब किसान को दस हजार के लिए भटकाता है; सच है माया को माया मिले कर-कर लंबे हाथ।
- विवाह समारोह में सब अमीर रिश्तेदारों की आवभगत में लगे थे, निर्धन चाचा को किसी ने पानी तक नहीं पूछा—यही दुनिया की रीत है।
- बाजार में जिसके पास पूँजी है, मुनाफा भी उसी के पास जमा होता रहता है; माया सदा माया से ही हाथ मिलाती है।
Source (स्रोत): संत कबीर का सांसारिक अवलोकन (Kabir's Social Critique)
संत कबीर का दोहा है: 'माया को माया मिले, कर-कर लंबे हाथ। तुलसी दास गरीब की, कोई न पूछे बात।' संसार के आर्थिक पक्षपात और पूँजी के केंद्रीकरण पर कबीर का यह मार्मिक प्रहार है।
माया को माया मिले, कर-कर लंबे हाथ
Maya Ko Maya Mile Kar-Kar Lambe Haath
Meaning & Connotation
संसार का यह सांसारिक और कटु नियम है कि धनवान के पास ही धन खिंचता चला जाता है और लोग भी धनी की ही सहायता व चापलूसी करने के लिए दौड़ते हैं, जबकि निर्धन की कोई सुध नहीं लेता।
English Meaning & Significance
"Wealth attracts more wealth with outstretched arms; society rushes to bestow favors and riches upon those who are already wealthy, ignoring the needy."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
बैंक अमीर उद्योगपति को बिना माँगे करोड़ों का कर्ज दे देता है और गरीब किसान को दस हजार के लिए भटकाता है; सच है माया को माया मिले कर-कर लंबे हाथ।
विवाह समारोह में सब अमीर रिश्तेदारों की आवभगत में लगे थे, निर्धन चाचा को किसी ने पानी तक नहीं पूछा—यही दुनिया की रीत है।
बाजार में जिसके पास पूँजी है, मुनाफा भी उसी के पास जमा होता रहता है; माया सदा माया से ही हाथ मिलाती है।
Origin & Context
संत कबीर का सांसारिक अवलोकन (Kabir's Social Critique)
संत कबीर का दोहा है: 'माया को माया मिले, कर-कर लंबे हाथ। तुलसी दास गरीब की, कोई न पूछे बात।' संसार के आर्थिक पक्षपात और पूँजी के केंद्रीकरण पर कबीर का यह मार्मिक प्रहार है।
यह लोकोक्ति आधुनिक अर्थशास्त्र के 'मैथ्यू इफेक्ट' (The Matthew Effect - The rich get richer) की सटीक भारतीय पूर्वपीठिका है।
Similar Idioms & Proverbs
नीति व लोक-विवेक (Wisdom & Morals) श्रेणी में अन्य सभी मुहावरे और लोकोक्तियाँ देखें।
Frequently Asked Questions (FAQ)
माया को माया मिले, कर-कर लंबे हाथ लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
माया को माया मिले, कर-कर लंबे हाथ का हिंदी अर्थ "संसार का यह सांसारिक और कटु नियम है कि धनवान के पास ही धन खिंचता चला जाता है और लोग भी धनी की ही सहायता व चापलूसी करने के लिए दौड़ते हैं, जबकि निर्धन की कोई सुध नहीं लेता।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "Wealth attracts more wealth with outstretched arms; society rushes to bestow favors and riches upon those who are already wealthy, ignoring the needy." है।
What is the English meaning of "Maya Ko Maya Mile Kar-Kar Lambe Haath"?
The English meaning of "Maya Ko Maya Mile Kar-Kar Lambe Haath" (माया को माया मिले, कर-कर लंबे हाथ) is "Wealth attracts more wealth with outstretched arms; society rushes to bestow favors and riches upon those who are already wealthy, ignoring the needy.". An equivalent English saying is "Money begets money / He that hath, to him shall be given".
माया को माया मिले, कर-कर लंबे हाथ का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "बैंक अमीर उद्योगपति को बिना माँगे करोड़ों का कर्ज दे देता है और गरीब किसान को दस हजार के लिए भटकाता है; सच है माया को माया मिले कर-कर लंबे हाथ।"
माया को माया मिले, कर-कर लंबे हाथ की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: संत कबीर का सांसारिक अवलोकन (Kabir's Social Critique)। संदर्भ: संत कबीर का दोहा है: 'माया को माया मिले, कर-कर लंबे हाथ। तुलसी दास गरीब की, कोई न पूछे बात।' संसार के आर्थिक पक्षपात और पूँजी के केंद्रीकरण पर कबीर का यह मार्मिक प्रहार है। विशेष तथ्य: यह लोकोक्ति आधुनिक अर्थशास्त्र के 'मैथ्यू इफेक्ट' (The Matthew Effect - The rich get richer) की सटीक भारतीय पूर्वपीठिका है।