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Daily Life & Society
Jaisi Karni Waisi Bharni
मनुष्य जैसा कर्म करता है, उसे भविष्य में वैसा ही अनुकूल या प्रतिकूल परिणाम भुगतना पड़ता है।
As you sow, so you reap; actions inevitably determine consequences.
Equivalent: As you sow, so shall you reap / What goes around comes around
- उसने बुढ़ापे में अपने माता-पिता को बेसहारा छोड़ दिया था, आज उसके अपने बच्चे उसे नहीं पूछते; सच है—जैसी करनी वैसी भरनी।
- व्यापार में दूसरों को ठगने वाले दुकानदार की अपनी तिजोरी एक दिन खाली हो गई; जैसी करनी वैसी भरनी।
- वर्ष भर की गई कठोर तपस्या और परिश्रम का फल परीक्षा परिणाम में प्रथम स्थान के रूप में मिला; जैसी करनी वैसी भरनी।
Source (स्रोत): भारतीय कर्म सिद्धांत व लोक दर्शन (Karmic Philosophy in Folk Lore)
भारतीय संस्कृति का आधारभूत दर्शन कर्म सिद्धांत है। जैसा बीज बोया जाएगा, वैसा ही फल वृक्ष पर लगेगा—बबूल बोकर आम की अपेक्षा नहीं की जा सकती। इसी आध्यात्मिक सत्य को लोक मानस ने अत्यंत सरल और दो-टूक शब्दों में ढाल दिया।
जैसी करनी वैसी भरनी
Jaisi Karni Waisi Bharni
Meaning & Connotation
मनुष्य जैसा कर्म करता है, उसे भविष्य में वैसा ही अनुकूल या प्रतिकूल परिणाम भुगतना पड़ता है।
English Meaning & Significance
"As you sow, so you reap; actions inevitably determine consequences."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
उसने बुढ़ापे में अपने माता-पिता को बेसहारा छोड़ दिया था, आज उसके अपने बच्चे उसे नहीं पूछते; सच है—जैसी करनी वैसी भरनी।
व्यापार में दूसरों को ठगने वाले दुकानदार की अपनी तिजोरी एक दिन खाली हो गई; जैसी करनी वैसी भरनी।
वर्ष भर की गई कठोर तपस्या और परिश्रम का फल परीक्षा परिणाम में प्रथम स्थान के रूप में मिला; जैसी करनी वैसी भरनी।
Origin & Context
भारतीय कर्म सिद्धांत व लोक दर्शन (Karmic Philosophy in Folk Lore)
भारतीय संस्कृति का आधारभूत दर्शन कर्म सिद्धांत है। जैसा बीज बोया जाएगा, वैसा ही फल वृक्ष पर लगेगा—बबूल बोकर आम की अपेक्षा नहीं की जा सकती। इसी आध्यात्मिक सत्य को लोक मानस ने अत्यंत सरल और दो-टूक शब्दों में ढाल दिया।
तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में लिखा है: "कर्म प्रधान बिस्व करि राखा, जो जस करइ सो तस फलु चाखा।" यह लोकोक्ति उसी का जनपदीय रूप है।
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Frequently Asked Questions (FAQ)
जैसी करनी वैसी भरनी लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
जैसी करनी वैसी भरनी का हिंदी अर्थ "मनुष्य जैसा कर्म करता है, उसे भविष्य में वैसा ही अनुकूल या प्रतिकूल परिणाम भुगतना पड़ता है।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "As you sow, so you reap; actions inevitably determine consequences." है।
What is the English meaning of "Jaisi Karni Waisi Bharni"?
The English meaning of "Jaisi Karni Waisi Bharni" (जैसी करनी वैसी भरनी) is "As you sow, so you reap; actions inevitably determine consequences.". An equivalent English saying is "As you sow, so shall you reap / What goes around comes around".
जैसी करनी वैसी भरनी का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "उसने बुढ़ापे में अपने माता-पिता को बेसहारा छोड़ दिया था, आज उसके अपने बच्चे उसे नहीं पूछते; सच है—जैसी करनी वैसी भरनी।"
जैसी करनी वैसी भरनी की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: भारतीय कर्म सिद्धांत व लोक दर्शन (Karmic Philosophy in Folk Lore)। संदर्भ: भारतीय संस्कृति का आधारभूत दर्शन कर्म सिद्धांत है। जैसा बीज बोया जाएगा, वैसा ही फल वृक्ष पर लगेगा—बबूल बोकर आम की अपेक्षा नहीं की जा सकती। इसी आध्यात्मिक सत्य को लोक मानस ने अत्यंत सरल और दो-टूक शब्दों में ढाल दिया। विशेष तथ्य: तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में लिखा है: "कर्म प्रधान बिस्व करि राखा, जो जस करइ सो तस फलु चाखा।" यह लोकोक्ति उसी का जनपदीय रूप है।