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Wisdom & Morals
Sab Dhaan Baees Paseri
अच्छे और बुरे, गुणी और अवगुणी, बहुमूल्य और तुच्छ—सभी को बिना किसी विवेक या भेद के एक समान तौलना और अनुचित व्यवहार करना।
Treating all paddy at the same rate of twenty-two paseri; treating the worthy and the unworthy alike without discrimination.
Equivalent: Tarring everyone with the same brush / Making no distinction between good and bad
- परिश्रमी कर्मचारियों और निकम्मे कामचोरों को एक जैसा वेतन और व्यवहार देना तो सब धान बाईस पसेरी करना है।
- एक व्यक्ति के अपराध के लिए पूरे समाज को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं; सब धान बाईस पसेरी नहीं तौले जाने चाहिए।
- जब प्रबंधक ने प्रतिभाशाली वैज्ञानिक और साधारण चपरासी की योग्यता को एक तराजू में तौला, तो सब धान बाईस पसेरी वाली स्थिति हो गई।
Source (स्रोत): मध्यकालीन अन्न मंडी व तौल व्यवस्था (Grain Market Metric Lore)
पुराने समय में अन्न की तौल 'पसेरी' (पाँच सेर का माप) में होती थी। उम्दा बासमती धान और घटिया धान के मूल्य में जमीन-आसमान का अंतर होता था। यदि कोई मूर्ख बनिया सब प्रकार के धान को एक ही भाव में बेचने लगे, तो यह घोर अविवेक का प्रतीक माना जाता था।
सब धान बाईस पसेरी
Sab Dhaan Baees Paseri
Meaning & Connotation
अच्छे और बुरे, गुणी और अवगुणी, बहुमूल्य और तुच्छ—सभी को बिना किसी विवेक या भेद के एक समान तौलना और अनुचित व्यवहार करना।
English Meaning & Significance
"Treating all paddy at the same rate of twenty-two paseri; treating the worthy and the unworthy alike without discrimination."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
परिश्रमी कर्मचारियों और निकम्मे कामचोरों को एक जैसा वेतन और व्यवहार देना तो सब धान बाईस पसेरी करना है।
एक व्यक्ति के अपराध के लिए पूरे समाज को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं; सब धान बाईस पसेरी नहीं तौले जाने चाहिए।
जब प्रबंधक ने प्रतिभाशाली वैज्ञानिक और साधारण चपरासी की योग्यता को एक तराजू में तौला, तो सब धान बाईस पसेरी वाली स्थिति हो गई।
Origin & Context
मध्यकालीन अन्न मंडी व तौल व्यवस्था (Grain Market Metric Lore)
पुराने समय में अन्न की तौल 'पसेरी' (पाँच सेर का माप) में होती थी। उम्दा बासमती धान और घटिया धान के मूल्य में जमीन-आसमान का अंतर होता था। यदि कोई मूर्ख बनिया सब प्रकार के धान को एक ही भाव में बेचने लगे, तो यह घोर अविवेक का प्रतीक माना जाता था।
भारतेंदु हरिश्चंद्र के अमर नाटक 'अंधेर नगरी' में इस लोकोक्ति को विवेकहीन व्यवस्था के प्रतीक के रूप में केंद्रीय आधार बनाया गया है।
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Frequently Asked Questions (FAQ)
सब धान बाईस पसेरी लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
सब धान बाईस पसेरी का हिंदी अर्थ "अच्छे और बुरे, गुणी और अवगुणी, बहुमूल्य और तुच्छ—सभी को बिना किसी विवेक या भेद के एक समान तौलना और अनुचित व्यवहार करना।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "Treating all paddy at the same rate of twenty-two paseri; treating the worthy and the unworthy alike without discrimination." है।
What is the English meaning of "Sab Dhaan Baees Paseri"?
The English meaning of "Sab Dhaan Baees Paseri" (सब धान बाईस पसेरी) is "Treating all paddy at the same rate of twenty-two paseri; treating the worthy and the unworthy alike without discrimination.". An equivalent English saying is "Tarring everyone with the same brush / Making no distinction between good and bad".
सब धान बाईस पसेरी का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "परिश्रमी कर्मचारियों और निकम्मे कामचोरों को एक जैसा वेतन और व्यवहार देना तो सब धान बाईस पसेरी करना है।"
सब धान बाईस पसेरी की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: मध्यकालीन अन्न मंडी व तौल व्यवस्था (Grain Market Metric Lore)। संदर्भ: पुराने समय में अन्न की तौल 'पसेरी' (पाँच सेर का माप) में होती थी। उम्दा बासमती धान और घटिया धान के मूल्य में जमीन-आसमान का अंतर होता था। यदि कोई मूर्ख बनिया सब प्रकार के धान को एक ही भाव में बेचने लगे, तो यह घोर अविवेक का प्रतीक माना जाता था। विशेष तथ्य: भारतेंदु हरिश्चंद्र के अमर नाटक 'अंधेर नगरी' में इस लोकोक्ति को विवेकहीन व्यवस्था के प्रतीक के रूप में केंद्रीय आधार बनाया गया है।