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Relationships & Alliances
Saccha Mitra Wahi Jo Vipatti Mein Kaam Aaye
सच्ची मित्रता की वास्तविक पहचान सुख, दावतों और संपन्नता में नहीं, बल्कि घोर संकट, विपत्ति और दुर्दिनों में साथ खड़े रहने से होती है।
A true friend is one who stands by you in adversity; hardship is the supreme touchstone of loyalty and friendship.
Equivalent: A friend in need is a friend indeed
- जब व्यापार में भारी नुकसान हुआ और सबने छोड़ दिया, तब केवल सोहन ने बिना माँगे आर्थिक सहायता की; सच है सच्चा मित्र वही जो विपत्ति में काम आए।
- सुख में तो सैकड़ों लोग मित्र बन जाते हैं, पर सच्चा दोस्त वही है जो आँसू पोंछने के लिए आगे आए।
- अपने मित्रों की परीक्षा संकट के समय करो, तभी पता चलेगा कि कौन सच्चा है और कौन केवल स्वार्थी।
Source (स्रोत): गोस्वामी तुलसीदास कृत 'श्रीरामचरितमानस' (Kishkindha Kanda Lore)
श्रीरामचरितमानस के किष्किंधाकाण्ड में भगवान श्रीराम सुग्रीव को मित्र-लक्षण समझाते हुए कहते हैं: 'जे न मित्र दुख होहिं दुखारी। तिन्हहि बिलोकत पातक भारी॥' और 'बिपत्ति काल कर सतगुन नेहा' (जो संकट में सौगुना प्रेम दिखाए वही सच्चा मित्र है)।
सच्चा मित्र वही जो विपत्ति में काम आए
Saccha Mitra Wahi Jo Vipatti Mein Kaam Aaye
Meaning & Connotation
सच्ची मित्रता की वास्तविक पहचान सुख, दावतों और संपन्नता में नहीं, बल्कि घोर संकट, विपत्ति और दुर्दिनों में साथ खड़े रहने से होती है।
English Meaning & Significance
"A true friend is one who stands by you in adversity; hardship is the supreme touchstone of loyalty and friendship."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
जब व्यापार में भारी नुकसान हुआ और सबने छोड़ दिया, तब केवल सोहन ने बिना माँगे आर्थिक सहायता की; सच है सच्चा मित्र वही जो विपत्ति में काम आए।
सुख में तो सैकड़ों लोग मित्र बन जाते हैं, पर सच्चा दोस्त वही है जो आँसू पोंछने के लिए आगे आए।
अपने मित्रों की परीक्षा संकट के समय करो, तभी पता चलेगा कि कौन सच्चा है और कौन केवल स्वार्थी।
Origin & Context
गोस्वामी तुलसीदास कृत 'श्रीरामचरितमानस' (Kishkindha Kanda Lore)
श्रीरामचरितमानस के किष्किंधाकाण्ड में भगवान श्रीराम सुग्रीव को मित्र-लक्षण समझाते हुए कहते हैं: 'जे न मित्र दुख होहिं दुखारी। तिन्हहि बिलोकत पातक भारी॥' और 'बिपत्ति काल कर सतगुन नेहा' (जो संकट में सौगुना प्रेम दिखाए वही सच्चा मित्र है)।
दुनिया की हर सभ्यता में यह सबसे प्रसिद्ध और सार्वकालिक नीति-कहावत मानी जाती है।
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Frequently Asked Questions (FAQ)
सच्चा मित्र वही जो विपत्ति में काम आए लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
सच्चा मित्र वही जो विपत्ति में काम आए का हिंदी अर्थ "सच्ची मित्रता की वास्तविक पहचान सुख, दावतों और संपन्नता में नहीं, बल्कि घोर संकट, विपत्ति और दुर्दिनों में साथ खड़े रहने से होती है।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "A true friend is one who stands by you in adversity; hardship is the supreme touchstone of loyalty and friendship." है।
What is the English meaning of "Saccha Mitra Wahi Jo Vipatti Mein Kaam Aaye"?
The English meaning of "Saccha Mitra Wahi Jo Vipatti Mein Kaam Aaye" (सच्चा मित्र वही जो विपत्ति में काम आए) is "A true friend is one who stands by you in adversity; hardship is the supreme touchstone of loyalty and friendship.". An equivalent English saying is "A friend in need is a friend indeed".
सच्चा मित्र वही जो विपत्ति में काम आए का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "जब व्यापार में भारी नुकसान हुआ और सबने छोड़ दिया, तब केवल सोहन ने बिना माँगे आर्थिक सहायता की; सच है सच्चा मित्र वही जो विपत्ति में काम आए।"
सच्चा मित्र वही जो विपत्ति में काम आए की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: गोस्वामी तुलसीदास कृत 'श्रीरामचरितमानस' (Kishkindha Kanda Lore)। संदर्भ: श्रीरामचरितमानस के किष्किंधाकाण्ड में भगवान श्रीराम सुग्रीव को मित्र-लक्षण समझाते हुए कहते हैं: 'जे न मित्र दुख होहिं दुखारी। तिन्हहि बिलोकत पातक भारी॥' और 'बिपत्ति काल कर सतगुन नेहा' (जो संकट में सौगुना प्रेम दिखाए वही सच्चा मित्र है)। विशेष तथ्य: दुनिया की हर सभ्यता में यह सबसे प्रसिद्ध और सार्वकालिक नीति-कहावत मानी जाती है।