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Wisdom & Morals
Samay Chooki Puni Ka Pachhitane
उपयुक्त अवसर और सही समय निकल जाने के बाद हाथ मलने या पश्चाताप करने से कोई लाभ नहीं होता; जो समय का सदुपयोग नहीं करता वह सदा हारता है।
What is the point of grieving once the golden opportunity has passed? Regret cannot restore lost time.
Equivalent: There is no use crying over spilled milk / Opportunity seldom knocks twice
- साल भर मौज-मस्ती में समय गँवा दिया और अब परीक्षा भवन में रो रहे हो; सच है समय चूकि पुनि का पछिताने।
- आवेदन की अंतिम तिथि बीत जाने के बाद दफ्तर के चक्कर लगाने से कुछ नहीं होगा—समय चूकि पुनि का पछिताने।
- जीवन में जो समय की कद्र नहीं करता, समय उसे पीछे छोड़ देता है और अंत में केवल पछतावा ही शेष रहता है।
Source (स्रोत): गोस्वामी तुलसीदास कृत 'श्रीरामचरितमानस' (Tulsidas Ramcharitmanas)
श्रीरामचरितमानस के अयोध्याकाण्ड में प्रसंग आता है: 'समय चूकि पुनि का पछिताने। का बरषा जब कृषी सुखाने॥' जैसे खेत के पूरी तरह सूख जाने के बाद मूसलाधार बारिश का कोई औचित्य नहीं, वैसे ही समय बीतने पर पश्चाताप व्यर्थ है।
समय चूकि पुनि का पछिताने
Samay Chooki Puni Ka Pachhitane
Meaning & Connotation
उपयुक्त अवसर और सही समय निकल जाने के बाद हाथ मलने या पश्चाताप करने से कोई लाभ नहीं होता; जो समय का सदुपयोग नहीं करता वह सदा हारता है।
English Meaning & Significance
"What is the point of grieving once the golden opportunity has passed? Regret cannot restore lost time."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
साल भर मौज-मस्ती में समय गँवा दिया और अब परीक्षा भवन में रो रहे हो; सच है समय चूकि पुनि का पछिताने।
आवेदन की अंतिम तिथि बीत जाने के बाद दफ्तर के चक्कर लगाने से कुछ नहीं होगा—समय चूकि पुनि का पछिताने।
जीवन में जो समय की कद्र नहीं करता, समय उसे पीछे छोड़ देता है और अंत में केवल पछतावा ही शेष रहता है।
Origin & Context
गोस्वामी तुलसीदास कृत 'श्रीरामचरितमानस' (Tulsidas Ramcharitmanas)
श्रीरामचरितमानस के अयोध्याकाण्ड में प्रसंग आता है: 'समय चूकि पुनि का पछिताने। का बरषा जब कृषी सुखाने॥' जैसे खेत के पूरी तरह सूख जाने के बाद मूसलाधार बारिश का कोई औचित्य नहीं, वैसे ही समय बीतने पर पश्चाताप व्यर्थ है।
समय प्रबंधन (Time Management) पर भारतीय साहित्य की यह सबसे तीखी और सर्वकालिक अमर पंक्ति है।
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Frequently Asked Questions (FAQ)
समय चूकि पुनि का पछिताने लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
समय चूकि पुनि का पछिताने का हिंदी अर्थ "उपयुक्त अवसर और सही समय निकल जाने के बाद हाथ मलने या पश्चाताप करने से कोई लाभ नहीं होता; जो समय का सदुपयोग नहीं करता वह सदा हारता है।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "What is the point of grieving once the golden opportunity has passed? Regret cannot restore lost time." है।
What is the English meaning of "Samay Chooki Puni Ka Pachhitane"?
The English meaning of "Samay Chooki Puni Ka Pachhitane" (समय चूकि पुनि का पछिताने) is "What is the point of grieving once the golden opportunity has passed? Regret cannot restore lost time.". An equivalent English saying is "There is no use crying over spilled milk / Opportunity seldom knocks twice".
समय चूकि पुनि का पछिताने का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "साल भर मौज-मस्ती में समय गँवा दिया और अब परीक्षा भवन में रो रहे हो; सच है समय चूकि पुनि का पछिताने।"
समय चूकि पुनि का पछिताने की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: गोस्वामी तुलसीदास कृत 'श्रीरामचरितमानस' (Tulsidas Ramcharitmanas)। संदर्भ: श्रीरामचरितमानस के अयोध्याकाण्ड में प्रसंग आता है: 'समय चूकि पुनि का पछिताने। का बरषा जब कृषी सुखाने॥' जैसे खेत के पूरी तरह सूख जाने के बाद मूसलाधार बारिश का कोई औचित्य नहीं, वैसे ही समय बीतने पर पश्चाताप व्यर्थ है। विशेष तथ्य: समय प्रबंधन (Time Management) पर भारतीय साहित्य की यह सबसे तीखी और सर्वकालिक अमर पंक्ति है।