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Wisdom & Morals
Santoshi Sada Sukhi
मन का संतोष और तृप्ति ही संसार की सबसे बड़ी दौलत है; जो व्यक्ति अपनी स्थिति में संतुष्ट रहता है वह सदा परम शांति और आनंद में जीता है।
A contented person is always happy; inner contentment is the greatest treasure, far surpassing material wealth.
Equivalent: Contentment is the greatest wealth / A contented mind is a perpetual feast
- करोड़ों रुपये कमाने वाले भी रात को नींद की गोलियाँ खा रहे हैं, जबकि अपनी छोटी सी कुटिया में किसान चैन की नींद सोता है; सच है संतोषी सदा सुखी।
- असीम तृष्णा और लोभ ही सब दुखों की जड़ है; जिसे संतोष धन मिल गया, उसे किसी चीज का अभाव नहीं रहता।
- उसने सदा सीमित साधनों में सुखी रहना सीखा, क्योंकि वह जानता था कि संतोषी सदा सुखी रहता है।
Source (स्रोत): संत कबीर की लोक-साधना (Kabir's Contentment Lore)
संत कबीर का दोहा है: 'गोधन गजधन बाजिधन और रतनधन खान। जब आवै संतोष धन, सब धन धूरि समान॥' गाय, हाथी, घोड़े और रत्नों की खानें भी संतोष रूपी धन के सामने धूल के समान तुच्छ हो जाती हैं।
संतोषी सदा सुखी (संतोष धन)
Santoshi Sada Sukhi
Meaning & Connotation
मन का संतोष और तृप्ति ही संसार की सबसे बड़ी दौलत है; जो व्यक्ति अपनी स्थिति में संतुष्ट रहता है वह सदा परम शांति और आनंद में जीता है।
English Meaning & Significance
"A contented person is always happy; inner contentment is the greatest treasure, far surpassing material wealth."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
करोड़ों रुपये कमाने वाले भी रात को नींद की गोलियाँ खा रहे हैं, जबकि अपनी छोटी सी कुटिया में किसान चैन की नींद सोता है; सच है संतोषी सदा सुखी।
असीम तृष्णा और लोभ ही सब दुखों की जड़ है; जिसे संतोष धन मिल गया, उसे किसी चीज का अभाव नहीं रहता।
उसने सदा सीमित साधनों में सुखी रहना सीखा, क्योंकि वह जानता था कि संतोषी सदा सुखी रहता है।
Origin & Context
संत कबीर की लोक-साधना (Kabir's Contentment Lore)
संत कबीर का दोहा है: 'गोधन गजधन बाजिधन और रतनधन खान। जब आवै संतोष धन, सब धन धूरि समान॥' गाय, हाथी, घोड़े और रत्नों की खानें भी संतोष रूपी धन के सामने धूल के समान तुच्छ हो जाती हैं।
योग दर्शन के 'नियम' में 'संतोष' को मोक्ष और मानसिक शांति का अनिवार्य साधन माना गया है।
Similar Idioms & Proverbs
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Frequently Asked Questions (FAQ)
संतोषी सदा सुखी (संतोष धन) लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
संतोषी सदा सुखी (संतोष धन) का हिंदी अर्थ "मन का संतोष और तृप्ति ही संसार की सबसे बड़ी दौलत है; जो व्यक्ति अपनी स्थिति में संतुष्ट रहता है वह सदा परम शांति और आनंद में जीता है।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "A contented person is always happy; inner contentment is the greatest treasure, far surpassing material wealth." है।
What is the English meaning of "Santoshi Sada Sukhi"?
The English meaning of "Santoshi Sada Sukhi" (संतोषी सदा सुखी (संतोष धन)) is "A contented person is always happy; inner contentment is the greatest treasure, far surpassing material wealth.". An equivalent English saying is "Contentment is the greatest wealth / A contented mind is a perpetual feast".
संतोषी सदा सुखी (संतोष धन) का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "करोड़ों रुपये कमाने वाले भी रात को नींद की गोलियाँ खा रहे हैं, जबकि अपनी छोटी सी कुटिया में किसान चैन की नींद सोता है; सच है संतोषी सदा सुखी।"
संतोषी सदा सुखी (संतोष धन) की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: संत कबीर की लोक-साधना (Kabir's Contentment Lore)। संदर्भ: संत कबीर का दोहा है: 'गोधन गजधन बाजिधन और रतनधन खान। जब आवै संतोष धन, सब धन धूरि समान॥' गाय, हाथी, घोड़े और रत्नों की खानें भी संतोष रूपी धन के सामने धूल के समान तुच्छ हो जाती हैं। विशेष तथ्य: योग दर्शन के 'नियम' में 'संतोष' को मोक्ष और मानसिक शांति का अनिवार्य साधन माना गया है।