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Wisdom & Morals
Satya Pareshan Ho Sakta Hai Parajit Nahi
सत्य के मार्ग पर चलने वाले को तात्कालिक रूप से भारी कठिनाइयों, विरोधों और परीक्षाओं का सामना करना पड़ सकता है, किंतु अंततः सत्य की कभी पराजय नहीं होती।
Truth can be harassed and troubled, but it can never be defeated; truth may suffer temporary setbacks, but it always triumphs in the end.
Equivalent: Truth crushed to earth shall rise again
- ईमानदार अफसर का कई बार तबादला किया गया और झूठे आरोप लगाए गए, पर अंत में अदालत ने उसे निर्दोष पाया; सच है सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।
- राजा हरिश्चंद्र को अपने सत्य के लिए श्मशान का चांडाल तक बनना पड़ा, किंतु अंत में उनके सत्य की ही जय हुई।
- संघर्ष के दिनों में हिम्मत मत हारो, याद रखो सत्य परेशान हो सकता है पर पराजित कभी नहीं होता।
Source (स्रोत): हरिश्चंद्र आख्यान व आधुनिक विधिक न्याय चेतना (Harishchandra & Judicial Lore)
सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र के जीवन-संघर्ष से उपजा यह विश्वास कि सत्यवादी पर अनेक संकट आ सकते हैं, अग्निपरीक्षा हो सकती है, पर सत्य की लौ कभी बुझ नहीं सकती। आधुनिक भारतीय राजनीति और न्यायपालिका में यह मुहावरा न्याय की अंतिम विजय का प्रतीक बन गया।
सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं
Satya Pareshan Ho Sakta Hai Parajit Nahi
Meaning & Connotation
सत्य के मार्ग पर चलने वाले को तात्कालिक रूप से भारी कठिनाइयों, विरोधों और परीक्षाओं का सामना करना पड़ सकता है, किंतु अंततः सत्य की कभी पराजय नहीं होती।
English Meaning & Significance
"Truth can be harassed and troubled, but it can never be defeated; truth may suffer temporary setbacks, but it always triumphs in the end."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
ईमानदार अफसर का कई बार तबादला किया गया और झूठे आरोप लगाए गए, पर अंत में अदालत ने उसे निर्दोष पाया; सच है सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।
राजा हरिश्चंद्र को अपने सत्य के लिए श्मशान का चांडाल तक बनना पड़ा, किंतु अंत में उनके सत्य की ही जय हुई।
संघर्ष के दिनों में हिम्मत मत हारो, याद रखो सत्य परेशान हो सकता है पर पराजित कभी नहीं होता।
Origin & Context
हरिश्चंद्र आख्यान व आधुनिक विधिक न्याय चेतना (Harishchandra & Judicial Lore)
सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र के जीवन-संघर्ष से उपजा यह विश्वास कि सत्यवादी पर अनेक संकट आ सकते हैं, अग्निपरीक्षा हो सकती है, पर सत्य की लौ कभी बुझ नहीं सकती। आधुनिक भारतीय राजनीति और न्यायपालिका में यह मुहावरा न्याय की अंतिम विजय का प्रतीक बन गया।
भारत के कई ऐतिहासिक न्यायालयी निर्णयों में न्यायाधीशों ने अपने फैसलों में इस नीति-वाक्य का उल्लेख किया है।
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Frequently Asked Questions (FAQ)
सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं का हिंदी अर्थ "सत्य के मार्ग पर चलने वाले को तात्कालिक रूप से भारी कठिनाइयों, विरोधों और परीक्षाओं का सामना करना पड़ सकता है, किंतु अंततः सत्य की कभी पराजय नहीं होती।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "Truth can be harassed and troubled, but it can never be defeated; truth may suffer temporary setbacks, but it always triumphs in the end." है।
What is the English meaning of "Satya Pareshan Ho Sakta Hai Parajit Nahi"?
The English meaning of "Satya Pareshan Ho Sakta Hai Parajit Nahi" (सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं) is "Truth can be harassed and troubled, but it can never be defeated; truth may suffer temporary setbacks, but it always triumphs in the end.". An equivalent English saying is "Truth crushed to earth shall rise again".
सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "ईमानदार अफसर का कई बार तबादला किया गया और झूठे आरोप लगाए गए, पर अंत में अदालत ने उसे निर्दोष पाया; सच है सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।"
सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: हरिश्चंद्र आख्यान व आधुनिक विधिक न्याय चेतना (Harishchandra & Judicial Lore)। संदर्भ: सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र के जीवन-संघर्ष से उपजा यह विश्वास कि सत्यवादी पर अनेक संकट आ सकते हैं, अग्निपरीक्षा हो सकती है, पर सत्य की लौ कभी बुझ नहीं सकती। आधुनिक भारतीय राजनीति और न्यायपालिका में यह मुहावरा न्याय की अंतिम विजय का प्रतीक बन गया। विशेष तथ्य: भारत के कई ऐतिहासिक न्यायालयी निर्णयों में न्यायाधीशों ने अपने फैसलों में इस नीति-वाक्य का उल्लेख किया है।