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Wisdom & Morals
Subah Ka Bhoola Shaam Ko Ghar Laute
यदि कोई व्यक्ति गलती या भटकाव के मार्ग पर चलने के बाद समय रहते अपनी भूल सुधार कर सही रास्ते पर लौट आए, तो उसे भटका हुआ नहीं माना जाता।
If someone strays into error but realizes their mistake and reforms in good time, they are forgiven.
Equivalent: It is never too late to mend / Better late than never / The prodigal son returns
- युवक गलत संगत में पड़ गया था, परंतु अब उसने सब छोड़-छाड़कर पुनः पढ़ाई शुरू कर दी; सुबह का भूला शाम को घर लौटे तो उसे भूला नहीं कहते।
- व्यवसाय में घाटा होने पर उसने अपनी गलत नीतियाँ बदल लीं; सुबह का भूला शाम को घर आ जाए तो गनीमत है।
- उसने अपनी पुरानी दुश्मनी भुलाकर परिवार से माफी माँग ली; सबने कहा—सुबह का भूला यदि शाम को लौट आए तो वह अपना ही है।
Source (स्रोत): चरवाहे व खोए हुए मवेशी का दृष्टांत (Prodigal Wanderer Parable)
प्राचीन चरवाहा जब सुबह चराने निकलता और कोई बछड़ा रास्ता भटक जाता, परंतु शाम ढलने पर वह अपने खूँटे पर वापस आ जाता, तो मालिक उसे खोया हुआ नहीं मानता था। पश्चाताप और भूल सुधार पर यह आशावादी लोकोक्ति बनी।
सुबह का भूला शाम को घर लौटे
Subah Ka Bhoola Shaam Ko Ghar Laute
Meaning & Connotation
यदि कोई व्यक्ति गलती या भटकाव के मार्ग पर चलने के बाद समय रहते अपनी भूल सुधार कर सही रास्ते पर लौट आए, तो उसे भटका हुआ नहीं माना जाता।
प्रातःकाल रास्ता भटका हुआ व्यक्ति यदि सायंकाल अपने घर लौट आए
गलती का समय पर अहसास करके सही मार्ग पर वापस आ जाने वाले को दोषी न मानना
English Meaning & Significance
"If someone strays into error but realizes their mistake and reforms in good time, they are forgiven."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
युवक गलत संगत में पड़ गया था, परंतु अब उसने सब छोड़-छाड़कर पुनः पढ़ाई शुरू कर दी; सुबह का भूला शाम को घर लौटे तो उसे भूला नहीं कहते।
व्यवसाय में घाटा होने पर उसने अपनी गलत नीतियाँ बदल लीं; सुबह का भूला शाम को घर आ जाए तो गनीमत है।
उसने अपनी पुरानी दुश्मनी भुलाकर परिवार से माफी माँग ली; सबने कहा—सुबह का भूला यदि शाम को लौट आए तो वह अपना ही है।
Origin & Context
चरवाहे व खोए हुए मवेशी का दृष्टांत (Prodigal Wanderer Parable)
प्राचीन चरवाहा जब सुबह चराने निकलता और कोई बछड़ा रास्ता भटक जाता, परंतु शाम ढलने पर वह अपने खूँटे पर वापस आ जाता, तो मालिक उसे खोया हुआ नहीं मानता था। पश्चाताप और भूल सुधार पर यह आशावादी लोकोक्ति बनी।
यह लोकोक्ति क्षमा, पश्चाताप और सकारात्मक सुधार का अत्यंत प्रेरक और मानवीय संदेश देती है।
Usage & Stylistic Suggestion
Similar Idioms & Proverbs
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Frequently Asked Questions (FAQ)
सुबह का भूला शाम को घर लौटे लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
सुबह का भूला शाम को घर लौटे का हिंदी अर्थ "यदि कोई व्यक्ति गलती या भटकाव के मार्ग पर चलने के बाद समय रहते अपनी भूल सुधार कर सही रास्ते पर लौट आए, तो उसे भटका हुआ नहीं माना जाता।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "If someone strays into error but realizes their mistake and reforms in good time, they are forgiven." है।
What is the English meaning of "Subah Ka Bhoola Shaam Ko Ghar Laute"?
The English meaning of "Subah Ka Bhoola Shaam Ko Ghar Laute" (सुबह का भूला शाम को घर लौटे) is "If someone strays into error but realizes their mistake and reforms in good time, they are forgiven.". An equivalent English saying is "It is never too late to mend / Better late than never / The prodigal son returns".
सुबह का भूला शाम को घर लौटे का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "युवक गलत संगत में पड़ गया था, परंतु अब उसने सब छोड़-छाड़कर पुनः पढ़ाई शुरू कर दी; सुबह का भूला शाम को घर लौटे तो उसे भूला नहीं कहते।"
सुबह का भूला शाम को घर लौटे की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: चरवाहे व खोए हुए मवेशी का दृष्टांत (Prodigal Wanderer Parable)। संदर्भ: प्राचीन चरवाहा जब सुबह चराने निकलता और कोई बछड़ा रास्ता भटक जाता, परंतु शाम ढलने पर वह अपने खूँटे पर वापस आ जाता, तो मालिक उसे खोया हुआ नहीं मानता था। पश्चाताप और भूल सुधार पर यह आशावादी लोकोक्ति बनी। विशेष तथ्य: यह लोकोक्ति क्षमा, पश्चाताप और सकारात्मक सुधार का अत्यंत प्रेरक और मानवीय संदेश देती है।