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Daily Life & Society
Aage Nath Na Peechhe Pagha
किसी भी प्रकार के पारिवारिक या सामाजिक बंधन से पूरी तरह मुक्त होना; जिसका कोई आश्रित या संरक्षक न हो।
Having no family ties, responsibilities, or encumbrances; totally footloose and answerable to no one.
Equivalent: Footloose and fancy-free / Without kith or kin or baggage
- सुरेश तो अकेले ही रहते हैं, आगे नाथ न पीछे पगहा; जब जहाँ मन करता है यात्रा पर निकल पड़ते हैं।
- उसके पास खोने के लिए कुछ नहीं था, आगे नाथ न पीछे पगहा होने के कारण उसने बिना किसी भय के जोखिम भरा व्यापार शुरू कर दिया।
- सन्यासी का कोई घर-बार नहीं होता, आगे नाथ न पीछे पगहा की दशा में वे लोक-कल्याण में लीन रहते हैं।
Source (स्रोत): भारतीय कृषक पशुपालन शब्दावली (Bovine Restraint Agricultural Terminology)
बैल या भैंस को नियंत्रित करने के लिए उसकी नाक में जो रस्सी डाली जाती है उसे "नाथ" कहते हैं और पिछले पैरों या खूंटे से बांधने वाली रस्सी को "पगहा" कहा जाता है। जिस पशु के न तो नाथ हो और न पगहा, वह पूरी तरह स्वच्छंद और बेलगाम होता है। इसी से यह मुहावरा बना।
आगे नाथ न पीछे पगहा
Aage Nath Na Peechhe Pagha
Meaning & Connotation
किसी भी प्रकार के पारिवारिक या सामाजिक बंधन से पूरी तरह मुक्त होना; जिसका कोई आश्रित या संरक्षक न हो।
English Meaning & Significance
"Having no family ties, responsibilities, or encumbrances; totally footloose and answerable to no one."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
सुरेश तो अकेले ही रहते हैं, आगे नाथ न पीछे पगहा; जब जहाँ मन करता है यात्रा पर निकल पड़ते हैं।
उसके पास खोने के लिए कुछ नहीं था, आगे नाथ न पीछे पगहा होने के कारण उसने बिना किसी भय के जोखिम भरा व्यापार शुरू कर दिया।
सन्यासी का कोई घर-बार नहीं होता, आगे नाथ न पीछे पगहा की दशा में वे लोक-कल्याण में लीन रहते हैं।
Origin & Context
भारतीय कृषक पशुपालन शब्दावली (Bovine Restraint Agricultural Terminology)
बैल या भैंस को नियंत्रित करने के लिए उसकी नाक में जो रस्सी डाली जाती है उसे "नाथ" कहते हैं और पिछले पैरों या खूंटे से बांधने वाली रस्सी को "पगहा" कहा जाता है। जिस पशु के न तो नाथ हो और न पगहा, वह पूरी तरह स्वच्छंद और बेलगाम होता है। इसी से यह मुहावरा बना।
यह लोकोक्ति दोनों संदर्भों में प्रयोग की जाती है—सकारात्मक अर्थ में पूर्ण स्वतंत्रता के लिए, और नकारात्मक अर्थ में उत्तरदायित्वहीनता के लिए।
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Frequently Asked Questions (FAQ)
आगे नाथ न पीछे पगहा लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
आगे नाथ न पीछे पगहा का हिंदी अर्थ "किसी भी प्रकार के पारिवारिक या सामाजिक बंधन से पूरी तरह मुक्त होना; जिसका कोई आश्रित या संरक्षक न हो।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "Having no family ties, responsibilities, or encumbrances; totally footloose and answerable to no one." है।
What is the English meaning of "Aage Nath Na Peechhe Pagha"?
The English meaning of "Aage Nath Na Peechhe Pagha" (आगे नाथ न पीछे पगहा) is "Having no family ties, responsibilities, or encumbrances; totally footloose and answerable to no one.". An equivalent English saying is "Footloose and fancy-free / Without kith or kin or baggage".
आगे नाथ न पीछे पगहा का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "सुरेश तो अकेले ही रहते हैं, आगे नाथ न पीछे पगहा; जब जहाँ मन करता है यात्रा पर निकल पड़ते हैं।"
आगे नाथ न पीछे पगहा की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: भारतीय कृषक पशुपालन शब्दावली (Bovine Restraint Agricultural Terminology)। संदर्भ: बैल या भैंस को नियंत्रित करने के लिए उसकी नाक में जो रस्सी डाली जाती है उसे "नाथ" कहते हैं और पिछले पैरों या खूंटे से बांधने वाली रस्सी को "पगहा" कहा जाता है। जिस पशु के न तो नाथ हो और न पगहा, वह पूरी तरह स्वच्छंद और बेलगाम होता है। इसी से यह मुहावरा बना। विशेष तथ्य: यह लोकोक्ति दोनों संदर्भों में प्रयोग की जाती है—सकारात्मक अर्थ में पूर्ण स्वतंत्रता के लिए, और नकारात्मक अर्थ में उत्तरदायित्वहीनता के लिए।