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Animals & Birds
Bakre Ki Maa Kab Tak Khair Manayegi
जो संकट या विनाश निश्चित है, उससे कोई सदा के लिए नहीं बच सकता; अपराधी एक न एक दिन पकड़ा ही जाता है।
How long can a goat's mother pray for her kid's safety?; the inevitable doom cannot be held off forever.
Equivalent: The pitcher goes so often to the well that it comes home broken at last
- भ्रष्ट अधिकारी आज बच गया तो क्या, बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी, एक दिन सीबीआई के हत्थे चढ़ेगा ही।
- बार-बार चालान से बच निकलने वाले लापरवाह चालक की गाड़ी आखिरकार जब्त हो गई; बकरे की माँ कब तक खैर मनाती?
- अपराध करके छिपने वाले समझ लें कि बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी, कानून के हाथ बहुत लंबे हैं।
Source (स्रोत): पशुपालन व कसाईखाना लोक परंपरा (Butchery & Livestock Folklore)
कसाई के घर या बाड़े में पाले गए बकरे का अंतिम गंतव्य वध ही होता है। उसकी माँ चाहे कितनी भी दुआएं करे, बकरे का कटना अनिवार्य है। इसी से अवश्यंभावी संकट का मुहावरा बना।
बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी
Bakre Ki Maa Kab Tak Khair Manayegi
Meaning & Connotation
जो संकट या विनाश निश्चित है, उससे कोई सदा के लिए नहीं बच सकता; अपराधी एक न एक दिन पकड़ा ही जाता है।
English Meaning & Significance
"How long can a goat's mother pray for her kid's safety?; the inevitable doom cannot be held off forever."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
भ्रष्ट अधिकारी आज बच गया तो क्या, बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी, एक दिन सीबीआई के हत्थे चढ़ेगा ही।
बार-बार चालान से बच निकलने वाले लापरवाह चालक की गाड़ी आखिरकार जब्त हो गई; बकरे की माँ कब तक खैर मनाती?
अपराध करके छिपने वाले समझ लें कि बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी, कानून के हाथ बहुत लंबे हैं।
Origin & Context
पशुपालन व कसाईखाना लोक परंपरा (Butchery & Livestock Folklore)
कसाई के घर या बाड़े में पाले गए बकरे का अंतिम गंतव्य वध ही होता है। उसकी माँ चाहे कितनी भी दुआएं करे, बकरे का कटना अनिवार्य है। इसी से अवश्यंभावी संकट का मुहावरा बना।
न्यायालयों में बार-बार जमानत लेकर बचने वाले आदतन अपराधियों के संदर्भ में पुलिस व अधिवक्ता इस कहावत का अक्सर प्रयोग करते हैं।
Similar Idioms & Proverbs
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Frequently Asked Questions (FAQ)
बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी का हिंदी अर्थ "जो संकट या विनाश निश्चित है, उससे कोई सदा के लिए नहीं बच सकता; अपराधी एक न एक दिन पकड़ा ही जाता है।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "How long can a goat's mother pray for her kid's safety?; the inevitable doom cannot be held off forever." है।
What is the English meaning of "Bakre Ki Maa Kab Tak Khair Manayegi"?
The English meaning of "Bakre Ki Maa Kab Tak Khair Manayegi" (बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी) is "How long can a goat's mother pray for her kid's safety?; the inevitable doom cannot be held off forever.". An equivalent English saying is "The pitcher goes so often to the well that it comes home broken at last".
बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "भ्रष्ट अधिकारी आज बच गया तो क्या, बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी, एक दिन सीबीआई के हत्थे चढ़ेगा ही।"
बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: पशुपालन व कसाईखाना लोक परंपरा (Butchery & Livestock Folklore)। संदर्भ: कसाई के घर या बाड़े में पाले गए बकरे का अंतिम गंतव्य वध ही होता है। उसकी माँ चाहे कितनी भी दुआएं करे, बकरे का कटना अनिवार्य है। इसी से अवश्यंभावी संकट का मुहावरा बना। विशेष तथ्य: न्यायालयों में बार-बार जमानत लेकर बचने वाले आदतन अपराधियों के संदर्भ में पुलिस व अधिवक्ता इस कहावत का अक्सर प्रयोग करते हैं।