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Wisdom & Morals
Bina Vichaare Jo Kare So Paachhe Pachhtaay
जो व्यक्ति बिना सोचे-समझे, उतावली में या किसी दूरदर्शिता के बिना कार्य करता है, उसे बाद में भारी पश्चाताप और लज्जा उठानी पड़ती है।
He who acts without thoughtful deliberation lives to regret it later; rash actions lead to remorse and failure.
Equivalent: Look before you leap / Think before you speak
- क्रोध में आकर उसने अच्छी नौकरी छोड़ दी और अब दर-दर भटक रहा है; सच है बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताय।
- कागजात पढ़े बिना अनुबंध पर हस्ताक्षर मत करो, वरना बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताय वाली नौबत आ जाएगी।
- जल्दबाजी में लिए गए निर्णय सदा हानि पहुँचाते हैं, इसलिए कोई भी कदम उठाने से पहले खूब विचार कर लेना चाहिए।
Source (स्रोत): कवि गिरिधर कविराय की कुंडलियाँ (Giridhar Kavirai Lore)
कवि गिरिधर की प्रसिद्ध कुंडली है: 'बिना विचारे जो करे, सो पाछे पछताय। काम बिगारे आपनो, जग में होत हँसाय।' इसमें उतावलेपन के सामाजिक और व्यक्तिगत दुष्प्रभावों का गहरा वर्णन है।
बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताय
Bina Vichaare Jo Kare So Paachhe Pachhtaay
Meaning & Connotation
जो व्यक्ति बिना सोचे-समझे, उतावली में या किसी दूरदर्शिता के बिना कार्य करता है, उसे बाद में भारी पश्चाताप और लज्जा उठानी पड़ती है।
English Meaning & Significance
"He who acts without thoughtful deliberation lives to regret it later; rash actions lead to remorse and failure."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
क्रोध में आकर उसने अच्छी नौकरी छोड़ दी और अब दर-दर भटक रहा है; सच है बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताय।
कागजात पढ़े बिना अनुबंध पर हस्ताक्षर मत करो, वरना बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताय वाली नौबत आ जाएगी।
जल्दबाजी में लिए गए निर्णय सदा हानि पहुँचाते हैं, इसलिए कोई भी कदम उठाने से पहले खूब विचार कर लेना चाहिए।
Origin & Context
कवि गिरिधर कविराय की कुंडलियाँ (Giridhar Kavirai Lore)
कवि गिरिधर की प्रसिद्ध कुंडली है: 'बिना विचारे जो करे, सो पाछे पछताय। काम बिगारे आपनो, जग में होत हँसाय।' इसमें उतावलेपन के सामाजिक और व्यक्तिगत दुष्प्रभावों का गहरा वर्णन है।
पंचतंत्र में 'ब्राह्मणी और नेवले की कथा' इसी नीति का सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक दृष्टांत है।
Similar Idioms & Proverbs
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Frequently Asked Questions (FAQ)
बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताय लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताय का हिंदी अर्थ "जो व्यक्ति बिना सोचे-समझे, उतावली में या किसी दूरदर्शिता के बिना कार्य करता है, उसे बाद में भारी पश्चाताप और लज्जा उठानी पड़ती है।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "He who acts without thoughtful deliberation lives to regret it later; rash actions lead to remorse and failure." है।
What is the English meaning of "Bina Vichaare Jo Kare So Paachhe Pachhtaay"?
The English meaning of "Bina Vichaare Jo Kare So Paachhe Pachhtaay" (बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताय) is "He who acts without thoughtful deliberation lives to regret it later; rash actions lead to remorse and failure.". An equivalent English saying is "Look before you leap / Think before you speak".
बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताय का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "क्रोध में आकर उसने अच्छी नौकरी छोड़ दी और अब दर-दर भटक रहा है; सच है बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताय।"
बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताय की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: कवि गिरिधर कविराय की कुंडलियाँ (Giridhar Kavirai Lore)। संदर्भ: कवि गिरिधर की प्रसिद्ध कुंडली है: 'बिना विचारे जो करे, सो पाछे पछताय। काम बिगारे आपनो, जग में होत हँसाय।' इसमें उतावलेपन के सामाजिक और व्यक्तिगत दुष्प्रभावों का गहरा वर्णन है। विशेष तथ्य: पंचतंत्र में 'ब्राह्मणी और नेवले की कथा' इसी नीति का सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक दृष्टांत है।