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Wisdom & Morals
Boya Ped Babool Ka Toh Aam Kahan Se Hoy
बुरे कर्म करके अच्छे और सुखद फल की आशा करना सर्वथा व्यर्थ है; जैसा कर्म करोगे, वैसा ही फल मिलेगा।
If you plant a thorny acacia tree, you cannot expect sweet mangoes; evil actions cannot yield good or joyful results.
Equivalent: As you sow, so shall you reap / You cannot gather figs from thistles
- तुमने जीवन भर दूसरों के मार्ग में काँटे बिछाए, अब स्वयं के लिए फूलों की उम्मीद मत करो; बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय।
- जब उसने बेईमानी से धन कमाया तो बेटे भी कुमार्गी निकले; सच है बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय।
- समाज में नफरत फैलाने वाले जब प्रेम और शांति की उम्मीद करते हैं, तो यह बात याद आती है कि बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय।
Source (स्रोत): संत कबीर दास जी की अमृतवाणी (Kabir's Bhakti Lore)
संत कबीर का सुप्रसिद्ध दोहा है: 'बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ ते होय। कर्म जो कीन्हा पाप का, मुक्ति कहाँ ते होय।' कृषि और बागवानी के सरल सत्य से आध्यात्मिक कर्म सिद्धांत की शिक्षा दी गई है।
बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय
Boya Ped Babool Ka Toh Aam Kahan Se Hoy
Meaning & Connotation
बुरे कर्म करके अच्छे और सुखद फल की आशा करना सर्वथा व्यर्थ है; जैसा कर्म करोगे, वैसा ही फल मिलेगा।
English Meaning & Significance
"If you plant a thorny acacia tree, you cannot expect sweet mangoes; evil actions cannot yield good or joyful results."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
तुमने जीवन भर दूसरों के मार्ग में काँटे बिछाए, अब स्वयं के लिए फूलों की उम्मीद मत करो; बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय।
जब उसने बेईमानी से धन कमाया तो बेटे भी कुमार्गी निकले; सच है बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय।
समाज में नफरत फैलाने वाले जब प्रेम और शांति की उम्मीद करते हैं, तो यह बात याद आती है कि बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय।
Origin & Context
संत कबीर दास जी की अमृतवाणी (Kabir's Bhakti Lore)
संत कबीर का सुप्रसिद्ध दोहा है: 'बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ ते होय। कर्म जो कीन्हा पाप का, मुक्ति कहाँ ते होय।' कृषि और बागवानी के सरल सत्य से आध्यात्मिक कर्म सिद्धांत की शिक्षा दी गई है।
यह लोकोक्ति भारतीय दर्शन के कर्म-सिद्धांत (Law of Karma) की सबसे सरल और जन-जन में प्रचलित अभिव्यक्ति है।
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Frequently Asked Questions (FAQ)
बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय का हिंदी अर्थ "बुरे कर्म करके अच्छे और सुखद फल की आशा करना सर्वथा व्यर्थ है; जैसा कर्म करोगे, वैसा ही फल मिलेगा।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "If you plant a thorny acacia tree, you cannot expect sweet mangoes; evil actions cannot yield good or joyful results." है।
What is the English meaning of "Boya Ped Babool Ka Toh Aam Kahan Se Hoy"?
The English meaning of "Boya Ped Babool Ka Toh Aam Kahan Se Hoy" (बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय) is "If you plant a thorny acacia tree, you cannot expect sweet mangoes; evil actions cannot yield good or joyful results.". An equivalent English saying is "As you sow, so shall you reap / You cannot gather figs from thistles".
बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "तुमने जीवन भर दूसरों के मार्ग में काँटे बिछाए, अब स्वयं के लिए फूलों की उम्मीद मत करो; बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय।"
बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: संत कबीर दास जी की अमृतवाणी (Kabir's Bhakti Lore)। संदर्भ: संत कबीर का सुप्रसिद्ध दोहा है: 'बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ ते होय। कर्म जो कीन्हा पाप का, मुक्ति कहाँ ते होय।' कृषि और बागवानी के सरल सत्य से आध्यात्मिक कर्म सिद्धांत की शिक्षा दी गई है। विशेष तथ्य: यह लोकोक्ति भारतीय दर्शन के कर्म-सिद्धांत (Law of Karma) की सबसे सरल और जन-जन में प्रचलित अभिव्यक्ति है।