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Daily Life & Society
Kisi Ki Daadhi Jale Koi Beedi Sulgaaye
किसी व्यक्ति पर आई भयंकर विपत्ति या संकट में भी अपना क्षुद्र स्वार्थ सिद्ध करने की निर्लज्ज चेष्टा करना।
Exploiting someone else's tragic crisis for one's own petty, selfish advantage.
Equivalent: Fiddling while Rome burns / Warming one's hands at another's burning house
- मकान में आग लगने से परिवार बेघर हो गया और कबाड़ी लोहा लूटने लगा; इसे कहते हैं किसी की दाढ़ी जले कोई बीड़ी सुलगाए।
- बाढ़ से पूरा गाँव त्रस्त था और नाव वाले मनमाना किराया वसूल रहे थे, मानो किसी की दाढ़ी जले और कोई बीड़ी सुलगाए।
- जब मरीज अस्पताल में जिंदगी-मौत से जूझ रहा था, तब बिचौलिए दवाइयों की कालाबाजारी कर रहे थे—वही बात हुई कि किसी की दाढ़ी जले कोई बीड़ी सुलगाए।
Source (स्रोत): ग्रामीण हास्य व कटु सामाजिक व्यंग्य (Folk Satire on Selfishness)
एक व्यक्ति की दाढ़ी में आग लग गई और वह पीड़ा से चिल्ला रहा था, तभी एक स्वार्थी व्यक्ति उस आग पर अपनी बीड़ी सुलगाने आगे बढ़ गया। इस वीभत्स स्वार्थपरता से यह चुटीली लोकोक्ति बनी।
किसी की दाढ़ी जले कोई बीड़ी सुलगाए
Kisi Ki Daadhi Jale Koi Beedi Sulgaaye
Meaning & Connotation
किसी व्यक्ति पर आई भयंकर विपत्ति या संकट में भी अपना क्षुद्र स्वार्थ सिद्ध करने की निर्लज्ज चेष्टा करना।
किसी की दाढ़ी जलते देखकर उस आग से अपनी बीड़ी सुलगाना
दूसरे के गहरे संकट में भी अपनी छोटी-मोटी ज़रूरत या स्वार्थ पूरा करने में लगे रहना
English Meaning & Significance
"Exploiting someone else's tragic crisis for one's own petty, selfish advantage."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
मकान में आग लगने से परिवार बेघर हो गया और कबाड़ी लोहा लूटने लगा; इसे कहते हैं किसी की दाढ़ी जले कोई बीड़ी सुलगाए।
बाढ़ से पूरा गाँव त्रस्त था और नाव वाले मनमाना किराया वसूल रहे थे, मानो किसी की दाढ़ी जले और कोई बीड़ी सुलगाए।
जब मरीज अस्पताल में जिंदगी-मौत से जूझ रहा था, तब बिचौलिए दवाइयों की कालाबाजारी कर रहे थे—वही बात हुई कि किसी की दाढ़ी जले कोई बीड़ी सुलगाए।
Origin & Context
ग्रामीण हास्य व कटु सामाजिक व्यंग्य (Folk Satire on Selfishness)
एक व्यक्ति की दाढ़ी में आग लग गई और वह पीड़ा से चिल्ला रहा था, तभी एक स्वार्थी व्यक्ति उस आग पर अपनी बीड़ी सुलगाने आगे बढ़ गया। इस वीभत्स स्वार्थपरता से यह चुटीली लोकोक्ति बनी।
संवेदनाहीन अवसरवादिता और स्वार्थ पर चोट करने के लिए यह हिंदी की सर्वाधिक सशक्त लोकोक्तियों में से एक है।
Usage & Stylistic Suggestion
Similar Idioms & Proverbs
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Frequently Asked Questions (FAQ)
किसी की दाढ़ी जले कोई बीड़ी सुलगाए लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
किसी की दाढ़ी जले कोई बीड़ी सुलगाए का हिंदी अर्थ "किसी व्यक्ति पर आई भयंकर विपत्ति या संकट में भी अपना क्षुद्र स्वार्थ सिद्ध करने की निर्लज्ज चेष्टा करना।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "Exploiting someone else's tragic crisis for one's own petty, selfish advantage." है।
What is the English meaning of "Kisi Ki Daadhi Jale Koi Beedi Sulgaaye"?
The English meaning of "Kisi Ki Daadhi Jale Koi Beedi Sulgaaye" (किसी की दाढ़ी जले कोई बीड़ी सुलगाए) is "Exploiting someone else's tragic crisis for one's own petty, selfish advantage.". An equivalent English saying is "Fiddling while Rome burns / Warming one's hands at another's burning house".
किसी की दाढ़ी जले कोई बीड़ी सुलगाए का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "मकान में आग लगने से परिवार बेघर हो गया और कबाड़ी लोहा लूटने लगा; इसे कहते हैं किसी की दाढ़ी जले कोई बीड़ी सुलगाए।"
किसी की दाढ़ी जले कोई बीड़ी सुलगाए की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: ग्रामीण हास्य व कटु सामाजिक व्यंग्य (Folk Satire on Selfishness)। संदर्भ: एक व्यक्ति की दाढ़ी में आग लग गई और वह पीड़ा से चिल्ला रहा था, तभी एक स्वार्थी व्यक्ति उस आग पर अपनी बीड़ी सुलगाने आगे बढ़ गया। इस वीभत्स स्वार्थपरता से यह चुटीली लोकोक्ति बनी। विशेष तथ्य: संवेदनाहीन अवसरवादिता और स्वार्थ पर चोट करने के लिए यह हिंदी की सर्वाधिक सशक्त लोकोक्तियों में से एक है।