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Nature & Elements
Neem na meetha hoy chahe seencho gud ghee se
दुष्ट, कुटिल और दुर्जन व्यक्ति पर चाहे कितना भी उपकार, नेकी या सद्व्यवहार किया जाए, उसकी कड़वी मूल प्रकृति कभी नहीं बदलती।
The neem tree never turns sweet even if watered with jaggery and clarified butter; wicked nature remains incorrigible.
Equivalent: A bitter tree will never bear sweet fruit / Base nature cannot be sweetened by kindness
- उस धूर्त रिश्तेदार की कितनी भी आर्थिक मदद कर लो, वह पीठ में छुरा ही घोंपेगा—नीम न मीठा होय चाहे सींचो गुड़ घी से।
- अपराधी को जेल में हर सुविधा दी गई, पर बाहर आते ही उसने फिर लूट की; सच है, नीम न मीठा होय चाहे सींचो गुड़ घी से।
Source (स्रोत): संत कबीर एवं रहीम की नीति-काव्य परंपरा
नीम का वृक्ष स्वाभाविक रूप से कड़वा होता है; उसकी जड़ों में अमृत या गुड़ डालने पर भी उसकी कड़वाहट कम नहीं होती।
नीम न मीठा होय चाहे सींचो गुड़ घी से
Neem na meetha hoy chahe seencho gud ghee se
Meaning & Connotation
दुष्ट, कुटिल और दुर्जन व्यक्ति पर चाहे कितना भी उपकार, नेकी या सद्व्यवहार किया जाए, उसकी कड़वी मूल प्रकृति कभी नहीं बदलती।
English Meaning & Significance
"The neem tree never turns sweet even if watered with jaggery and clarified butter; wicked nature remains incorrigible."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
उस धूर्त रिश्तेदार की कितनी भी आर्थिक मदद कर लो, वह पीठ में छुरा ही घोंपेगा—नीम न मीठा होय चाहे सींचो गुड़ घी से।
अपराधी को जेल में हर सुविधा दी गई, पर बाहर आते ही उसने फिर लूट की; सच है, नीम न मीठा होय चाहे सींचो गुड़ घी से।
Origin & Context
संत कबीर एवं रहीम की नीति-काव्य परंपरा
नीम का वृक्ष स्वाभाविक रूप से कड़वा होता है; उसकी जड़ों में अमृत या गुड़ डालने पर भी उसकी कड़वाहट कम नहीं होती।
अपरिवर्तनीय दुर्जनता और व्यर्थ उपकार के प्रति आगाह करने वाली प्रसिद्ध नीतिपरक उक्ति।
Usage & Stylistic Suggestion
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Frequently Asked Questions (FAQ)
नीम न मीठा होय चाहे सींचो गुड़ घी से लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
नीम न मीठा होय चाहे सींचो गुड़ घी से का हिंदी अर्थ "दुष्ट, कुटिल और दुर्जन व्यक्ति पर चाहे कितना भी उपकार, नेकी या सद्व्यवहार किया जाए, उसकी कड़वी मूल प्रकृति कभी नहीं बदलती।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "The neem tree never turns sweet even if watered with jaggery and clarified butter; wicked nature remains incorrigible." है।
What is the English meaning of "Neem na meetha hoy chahe seencho gud ghee se"?
The English meaning of "Neem na meetha hoy chahe seencho gud ghee se" (नीम न मीठा होय चाहे सींचो गुड़ घी से) is "The neem tree never turns sweet even if watered with jaggery and clarified butter; wicked nature remains incorrigible.". An equivalent English saying is "A bitter tree will never bear sweet fruit / Base nature cannot be sweetened by kindness".
नीम न मीठा होय चाहे सींचो गुड़ घी से का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "उस धूर्त रिश्तेदार की कितनी भी आर्थिक मदद कर लो, वह पीठ में छुरा ही घोंपेगा—नीम न मीठा होय चाहे सींचो गुड़ घी से।"
नीम न मीठा होय चाहे सींचो गुड़ घी से की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: संत कबीर एवं रहीम की नीति-काव्य परंपरा। संदर्भ: नीम का वृक्ष स्वाभाविक रूप से कड़वा होता है; उसकी जड़ों में अमृत या गुड़ डालने पर भी उसकी कड़वाहट कम नहीं होती। विशेष तथ्य: अपरिवर्तनीय दुर्जनता और व्यर्थ उपकार के प्रति आगाह करने वाली प्रसिद्ध नीतिपरक उक्ति।