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Nature & Elements
Nadi-Naav Sanjog
संसार में व्यक्तियों का थोड़े समय के लिए होने वाला आकस्मिक मिलन, जिसका बिछोह अवश्यंभावी है।
A transient, chance encounter in life's journey where people meet briefly only to part ways again.
Equivalent: Ships that pass in the night / A brief, fleeting companionship
- रेल यात्रा के दौरान साथी यात्रियों से जो घनिष्ठता हुई वह नदी-नाव संजोग जैसी थी; स्टेशन आते ही सब विदा हो गए।
- इस संसार में कोई किसी का स्थाई साथी नहीं है, सब नदी-नाव संजोग की तरह कुछ पलों के लिए मिलते हैं।
- छात्रावास के दिनों की वह मित्रता नदी-नाव संजोग थी, पढ़ाई पूरी होते ही सब अपनी राह चल दिए।
Source (स्रोत): नदी पार करने वाले यात्रियों का दृश्य (River Ferry Encounter Lore)
नदी पार करने के लिए नाव में अलग-अलग दिशाओं से आए अनेक यात्री बैठते हैं। जब तक नाव जल में तैरती है, वे आपस में सुख-दुख साझा करते हैं। किनारा आते ही सब उतरकर अपने-अपने मार्ग पर चले जाते हैं। संसार की नश्वरता का यह काव्यमय रूपक है।
नदी-नाव संजोग
Nadi-Naav Sanjog
Meaning & Connotation
संसार में व्यक्तियों का थोड़े समय के लिए होने वाला आकस्मिक मिलन, जिसका बिछोह अवश्यंभावी है।
नदी की धार में नाव और मुसाफिरों का अल्पकालिक मिलन
जीवन में कुछ समय के लिए होने वाली आकस्मिक भेंट जिसका अंत बिछोह में होना तय है
English Meaning & Significance
"A transient, chance encounter in life's journey where people meet briefly only to part ways again."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
रेल यात्रा के दौरान साथी यात्रियों से जो घनिष्ठता हुई वह नदी-नाव संजोग जैसी थी; स्टेशन आते ही सब विदा हो गए।
इस संसार में कोई किसी का स्थाई साथी नहीं है, सब नदी-नाव संजोग की तरह कुछ पलों के लिए मिलते हैं।
छात्रावास के दिनों की वह मित्रता नदी-नाव संजोग थी, पढ़ाई पूरी होते ही सब अपनी राह चल दिए।
Origin & Context
नदी पार करने वाले यात्रियों का दृश्य (River Ferry Encounter Lore)
नदी पार करने के लिए नाव में अलग-अलग दिशाओं से आए अनेक यात्री बैठते हैं। जब तक नाव जल में तैरती है, वे आपस में सुख-दुख साझा करते हैं। किनारा आते ही सब उतरकर अपने-अपने मार्ग पर चले जाते हैं। संसार की नश्वरता का यह काव्यमय रूपक है।
तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में लिखा: "नदी नाव संजोग सही सबु केहू। बिछुरहिं अंत न कहुँ सनेहू॥"
Usage & Stylistic Suggestion
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Frequently Asked Questions (FAQ)
नदी-नाव संजोग लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
नदी-नाव संजोग का हिंदी अर्थ "संसार में व्यक्तियों का थोड़े समय के लिए होने वाला आकस्मिक मिलन, जिसका बिछोह अवश्यंभावी है।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "A transient, chance encounter in life's journey where people meet briefly only to part ways again." है।
What is the English meaning of "Nadi-Naav Sanjog"?
The English meaning of "Nadi-Naav Sanjog" (नदी-नाव संजोग) is "A transient, chance encounter in life's journey where people meet briefly only to part ways again.". An equivalent English saying is "Ships that pass in the night / A brief, fleeting companionship".
नदी-नाव संजोग का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "रेल यात्रा के दौरान साथी यात्रियों से जो घनिष्ठता हुई वह नदी-नाव संजोग जैसी थी; स्टेशन आते ही सब विदा हो गए।"
नदी-नाव संजोग की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: नदी पार करने वाले यात्रियों का दृश्य (River Ferry Encounter Lore)। संदर्भ: नदी पार करने के लिए नाव में अलग-अलग दिशाओं से आए अनेक यात्री बैठते हैं। जब तक नाव जल में तैरती है, वे आपस में सुख-दुख साझा करते हैं। किनारा आते ही सब उतरकर अपने-अपने मार्ग पर चले जाते हैं। संसार की नश्वरता का यह काव्यमय रूपक है। विशेष तथ्य: तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में लिखा: "नदी नाव संजोग सही सबु केहू। बिछुरहिं अंत न कहुँ सनेहू॥"