muhavarelokoktiyan.com • Authentic Hindi Reference Collection
Wisdom & Morals
Aaye The Hari Bhajan Ko Otan Lage Kapaas
किसी महान, उच्च अथवा पवित्र लक्ष्य को लेकर चलना परंतु मार्ग में किसी तुच्छ, सांसारिक या व्यर्थ के काम में उलझकर रह जाना।
Setting out with a noble or ambitious purpose but getting completely sidetracked by trivial, mundane pursuits.
Equivalent: To lose sight of the grand goal / Straying into petty trifles / Forsaking the sublime for the ridiculous
- आईएएस की तैयारी करने दिल्ली गया था और वहाँ यूट्यूब वीडियो बनाने में समय बर्बाद करने लगा; आए थे हरिभजन को ओटन लगे कपास!
- वह कंपनी में बड़ा वैज्ञानिक बनने आया था, पर दफ्तर की राजनीति और गुटबाजी में उलझ गया—आए थे हरिभजन को ओटन लगे कपास।
- हम यहाँ पर्यावरण संरक्षण पर विचार करने एकत्र हुए थे, पर लोग जलपान और उपहारों के लिए झगड़ने लगे; इसे कहते हैं आए थे हरिभजन को ओटन लगे कपास।
Source (स्रोत): भक्तिकाल व ग्रामीण कपास धुनाई परंपरा (Bhakti Pilgrimage Lore)
एक व्यक्ति ईश्वर की भक्ति और सत्संग करने के लिए संतों की मंडली में आया, परंतु वहाँ आश्रम की व्यवस्था में कपास (रुई) से बिनौले अलग करने (ओटने) के सांसारिक काम में ही दिन-रात खपने लगा। लक्ष्य से भटकाव पर यह प्रसिद्ध लोकोक्ति बनी।
आए थे हरिभजन को ओटन लगे कपास
Aaye The Hari Bhajan Ko Otan Lage Kapaas
Meaning & Connotation
किसी महान, उच्च अथवा पवित्र लक्ष्य को लेकर चलना परंतु मार्ग में किसी तुच्छ, सांसारिक या व्यर्थ के काम में उलझकर रह जाना।
ईश्वर का भजन-कीर्तन करने आए थे और कपास के रेशे सुलझाने में लग गए
महान उद्देश्य को छोड़कर अत्यंत क्षुद्र और निरर्थक प्रपंचों में समय नष्ट करना
English Meaning & Significance
"Setting out with a noble or ambitious purpose but getting completely sidetracked by trivial, mundane pursuits."
Sentence Usages & Authentic Examples
Understand accurate usage in daily communication and academic examinations:
आईएएस की तैयारी करने दिल्ली गया था और वहाँ यूट्यूब वीडियो बनाने में समय बर्बाद करने लगा; आए थे हरिभजन को ओटन लगे कपास!
वह कंपनी में बड़ा वैज्ञानिक बनने आया था, पर दफ्तर की राजनीति और गुटबाजी में उलझ गया—आए थे हरिभजन को ओटन लगे कपास।
हम यहाँ पर्यावरण संरक्षण पर विचार करने एकत्र हुए थे, पर लोग जलपान और उपहारों के लिए झगड़ने लगे; इसे कहते हैं आए थे हरिभजन को ओटन लगे कपास।
Origin & Context
भक्तिकाल व ग्रामीण कपास धुनाई परंपरा (Bhakti Pilgrimage Lore)
एक व्यक्ति ईश्वर की भक्ति और सत्संग करने के लिए संतों की मंडली में आया, परंतु वहाँ आश्रम की व्यवस्था में कपास (रुई) से बिनौले अलग करने (ओटने) के सांसारिक काम में ही दिन-रात खपने लगा। लक्ष्य से भटकाव पर यह प्रसिद्ध लोकोक्ति बनी।
कक्षा 10 हिंदी की पाठ्यपुस्तकों में जीवन-लक्ष्य के निर्धारण और भटकाव से बचने के संदर्भ में यह अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Usage & Stylistic Suggestion
Similar Idioms & Proverbs
नीति व लोक-विवेक (Wisdom & Morals) श्रेणी में अन्य सभी मुहावरे और लोकोक्तियाँ देखें।
Frequently Asked Questions (FAQ)
आए थे हरिभजन को ओटन लगे कपास लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
आए थे हरिभजन को ओटन लगे कपास का हिंदी अर्थ "किसी महान, उच्च अथवा पवित्र लक्ष्य को लेकर चलना परंतु मार्ग में किसी तुच्छ, सांसारिक या व्यर्थ के काम में उलझकर रह जाना।" होता है। अंग्रेजी भाषा में इसका तात्पर्य "Setting out with a noble or ambitious purpose but getting completely sidetracked by trivial, mundane pursuits." है।
What is the English meaning of "Aaye The Hari Bhajan Ko Otan Lage Kapaas"?
The English meaning of "Aaye The Hari Bhajan Ko Otan Lage Kapaas" (आए थे हरिभजन को ओटन लगे कपास) is "Setting out with a noble or ambitious purpose but getting completely sidetracked by trivial, mundane pursuits.". An equivalent English saying is "To lose sight of the grand goal / Straying into petty trifles / Forsaking the sublime for the ridiculous".
आए थे हरिभजन को ओटन लगे कपास का वाक्य प्रयोग कैसे करें?
वाक्य प्रयोग: "आईएएस की तैयारी करने दिल्ली गया था और वहाँ यूट्यूब वीडियो बनाने में समय बर्बाद करने लगा; आए थे हरिभजन को ओटन लगे कपास!"
आए थे हरिभजन को ओटन लगे कपास की उत्पत्ति (Origin) और संदर्भ क्या है?
स्रोत: भक्तिकाल व ग्रामीण कपास धुनाई परंपरा (Bhakti Pilgrimage Lore)। संदर्भ: एक व्यक्ति ईश्वर की भक्ति और सत्संग करने के लिए संतों की मंडली में आया, परंतु वहाँ आश्रम की व्यवस्था में कपास (रुई) से बिनौले अलग करने (ओटने) के सांसारिक काम में ही दिन-रात खपने लगा। लक्ष्य से भटकाव पर यह प्रसिद्ध लोकोक्ति बनी। विशेष तथ्य: कक्षा 10 हिंदी की पाठ्यपुस्तकों में जीवन-लक्ष्य के निर्धारण और भटकाव से बचने के संदर्भ में यह अत्यंत महत्वपूर्ण है।